जबलपुर. वर्ष 2019 में जबलपुर (Jabalpur) जिले में आग लगने की कुल 417 घटनाएं (fire incidents) हुई हैं. इनमें से 398 हादसे शहरी क्षेत्र (Urban Area) में जबकि 19 ग्रामीण इलाकों (Rural Area) में हुई हैं. शहरी क्षेत्रों में हुए हादसों में जहां 3.62 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, वहीं ग्रामीण इलाकों में अगलगी से 7 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान हुआ. रविवार को अग्निशमन दल कार्यालय के प्रभारी ने सालभर में हुई आग लगने की घटनाओं के बारे में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कभी गोदाम तो कभी बीच बाजार में हुई इन घटनाओं को देखें तो सालभर में 398 बार आग लगी. यानी औसतन हर दिन एक अग्नि हादसा. स्मार्ट सिटी (Smart City) के रूप में विकसित किए जा रहे शहर को लेकर ये आंकड़े चिंताजनक हैं.

पेश किया लेखा-जोखा

अग्निशमन दल के फायर अधीक्षक कुशाग्र ठाकुर ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत और संघर्ष से इन हादसों में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा. उन्होंने बताया कि इन हादसों के कारणों की जब जांच की गई तो शहर के रिहायशी इलाकों में संचालित गोदाम और कारखानों में शॉर्ट-सर्किट बड़ा कारण था. इन जगहों पर बिजली के उपकरणों और मशीनों का उपयोग होता है. कारखानों और गोदाम में अक्सर शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लगी, वहीं संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पहुंचने में परेशानी हुई.