कोटा. राजस्थान (Rajasthan) में कोटा (Kota) जिले के जेके लोन अस्पताल में हुई बच्चों की मौत के बाद दिल्ली तक जमकर बवाल हुआ. सरकार भी इस पूरे मामले में संवेदनशील नजर आई और तत्काल जो भी अव्यवस्थाएं थीं उनको दुरुस्त किया गया. लेकिन, अब सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के निर्देश के बाद कोटा में अस्‍पतालों की हालत सुधारने के लिए 67 करोड़ का फंड दिया गया है. जेके लोन अस्पताल में हुई बच्चों की मौत पर जब सियासत हुई तो कोटा से दिल्ली तक के नेताओं ने अस्पताल का निरीक्षण किया. विपक्ष ने आरोप लगाए तो सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने पिछली सरकारों के आकंड़ों को गिनाते हुए व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने का दावा किया. वहीं, जब सूबे के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल जेके लोन प्रकरण के बाद अपने गृह जिले कोटा आए तो साथ समाधान की बड़ी सौगात भी लेकर आए.

156 बेड का नया अस्पताल खोला जाएगा
मंत्री धारीवाल ने कोटा संभाग के दोनों बड़े अस्पताल जेके लोन और एमबीएस का निरीक्षण किया और अधिकारियों से फीडबैक भी लिया. सीएम गहलोत द्वारा कोटा के इन दोनों अस्पतालों के विस्तार के लिए दी गई रकम को सौगात को बताया. मंत्री धारीवाल ने बताया कि दोनों अस्पतालों का विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जेके लोन अस्पताल का विस्तार कर यहां 156 बेड का नया अस्पताल खोला जा रहा है.

जेके लोन अस्पताल के लिए 27 करोड़ का प्रस्तावित लागत
जेके लोन अस्पताल परिसर में ही 156 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा, जिसमें 90 जनरल, 30 पीआईसीयू वार्ड (PICU) और 36 पीकू के बेड होंगे. ओपीडी ब्लॉक के साथ बेसमेंट और पार्किंग की भी व्यवस्था होगी. बता दें कि 93 हजार 750 वर्गफीट में तीन मंजिला नया अस्पताल बनाया जाएगा. इसका कुल 27 करोड़ प्रस्तावित लागत है. इसमें नगर विकास न्यास होगी नोडल एजेंसी यानी यूआईटी बल्डिंग बनाएगी. संसाधनों ओर अन्य उपकरणों के लिए सरकार अलग से बजट देगी. वित्त विभाग से मौखिक स्वीकृति यानी जल्द स्वीकृति मिलते ही डीपीआर तैयार होगी.

एमबीएस अस्पताल के 40 करोड़ की मिली स्वीकृति
संभाग के दूसरे सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल के विस्तार के लिए 40 करोड़ की स्वीकृति मिली है. एमबीएस अस्पताल में बेंसमेंट, पार्किंग और गाउंड फ्लोर के साथ ओपीडी ब्लॉक तैयार करवाया जाएगा. नया ब्‍लॉक 2.50 लाख वर्ग फीट में बनया जाएगा. नोडल एजेंसी कोटा यूआईटी को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही इन दोनों प्रोजेक्टस को अमलीजामा पहनाने की तैयारी की जाए, ताकि सरकार यहां संसाधनों के साथ स्टाफ में भी बढ़ोतरी कर जनता की सेवा में अस्पताल को सौंप सके.

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इतना ही नहीं जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत पर बवाल के बाद कई समाज सेवी संस्थाएं भी आगे आकर अपने स्तर पर संसाधनों से लेकर अन्य व्यवस्थाएं मुहैया करवाने की प्रयास कर रही हैं. जनप्रतिनिधियों ने भी अलग से घोषणाएं की हैं. बीजेपी के 5 विधायकों ने 10-10 लाख की विधायक कोष से सहायता की घोषणा की है. मंत्री धारीवाल ने बीजेपी विधायकों से अस्पताल के लिए विधायक कोष राशि को बढ़ाने की मांग करते हुए अस्पताल के रखरखाव और संसाधनों के लिए विधायक कोष से 1 करोड़ देने की घोषणा की है.