गोपालगंज । गोपालगंज में कोरोना संकट काल के चलते लड़‎की वाले दहेज की ‎डिमांड पूरी नहीं कर पाते तो वर पक्ष ने शादी तोड़ दी। दरअसल, वर पक्ष ने दहेज में तीन लाख नकदी की मांग की थी, ‎जिसे वधू पक्ष के लोग पूरी नहीं कर पाए। अचानक की गई दहेज की मांग व शादी टूटने से आहत होकर लड़की के पिता ने वर पक्ष के ‎खिलाफ मुकदमा दायर किया है। विश्वंभरपुर थाना क्षेत्र के खेम मटिहनिया गांव के बलिस्टर भगत ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री गुड़िया की शादी कुचायकोट थाना क्षेत्र के महुआ टोला गांव के पारस भगत के पुत्र दिलीप कुमार कुशवाहा के साथ गत वर्ष फरवरी माह में तय हुई। तय के अनुसार 21 अप्रैल को तिलक समारोह व 25 अप्रैल को शादी की तिथि निर्धारित थी। दोनों पक्ष शादी की तैयारियों में लगे थे। इसी बीच कोरोना संकट काल को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन लागू हो गया। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जब जनजीवन पटरी पर आने लगा तो बलिस्टर महतो वर पक्ष से संपर्क कर शादी की नई तिथि तय करने का आग्रह किया तो वर पक्ष के लोगों ने दहेज में तीन लाख रुपये नकदी तथा मोटरसाइकिल की मांग कर दी। इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था कर पाने पर बलिस्टर भगत ने खुद को असमर्थ पाया। इस सबसे थककर उन्होंने वर पक्ष की नाजायज मांग को देखते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में मुकदमा दायर किया। इस मामले में न्यायालय ने अग्रिम जांच के लिए तिथि निर्धारित किया है।