वैसे संतुलित आहार लेने से हमारे शरीर में आवश्यक घटक मिल जाते हैं ,पर हर व्यक्ति की अलग अलग मांग   होने से आहार पूर्ति  नहीं कर पाता उसके लिए अन्य घटक भी उपलब्ध हैं।
दूध पीना हर किसी को पसंद नहीं होता। लेकिन कैल्शियम की जरूरत तो सभी के शरीर को होती है। अगर शरीर  में कैल्शियम की कमी हो जाए तो हड्डियों में दर्द और कमजोरी, थकान होने लगती हैं।
दूध से हमें बड़ी मात्रा में कैल्शियम की प्राप्ति होती है, जो कि हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है। कुछ लोगों को दूध की खुशबू पसंद नहीं होती तो किसी को उसका स्वाद। वहीं, कुछ लोगों को दूध में पाए जानेवाले लेक्टॉस से एलर्जी होती है। अगर इनमें से किसी भी कारण से आपको दूध पीना पसंद नहीं है तो यहां जानें, शरीर में कैल्शियम की पूर्ति करने के अन्य तरीके भी हैं।      
''एक व्यक्ति को हर दिन कितने कैल्शियम की जरूरत होगी यह उसके जेंडर, उसकी उम्र और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। अलग-अलग स्थितियों में एक व्यक्ति को कैल्शियम की जरूरत 500 से 2000 मिलीग्राम तक हो सकती है। जैसे, बढ़ती उम्र के बच्चों को 500 से 700, अडल्ट्स को 700 से 1,000 और प्रेग्नेंट महिलाओं को 1 हजार से 1200 मिलीग्राम कैल्शियम चाहिए होता है। वहीं, लैक्टेटिंग वीमन या स्तनपान करानेवाली महिलाओं को लगभग 2 हजार मिलीग्राम कैल्शियम की प्रतिदिन जरूरत होती है।''
नहीं पचेगा कैल्शियम
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के शरीर में विटमिन-डी3 की कमी हो तो वह कितना भी कैल्शियम खा ले उसके शरीर को उस कैल्शियम का लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि विटमिन-डी3 से ही हमारे शरीर में कैल्शियम का अवशोषण होता  है। इसलिए मॉर्निंग वॉक, सुबह की धूप में कुछ वक्त बिताना और समय-समय पर विटमिन-डी के कैपसूल्स लेते रहना जरूरी होता है।
इस उम्र में चाहिए ज्यादा कैल्शियम
सामान्य स्थितियों में एक अडल्ट व्यक्ति को हर दिन करीब 1 हजार मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है। वहीं, 50 साल की उम्र से अधिक की महिलाओं और 70 साल से अधिक उम्र के पुरुषों को हर दिन करीब 1,000 से 12,00 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है। हमें अपनी डायट लेते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। देखना चाहिए कि हमारे खाने से हमारे शरीर में कैल्शियम की जरूरत पूरी हो रही है या नहीं।
बादाम का दूध है एक विकल्प
बादाम खाकर भी आप अपने शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए रात को कम से कम 12 बादम भिगो दें और सुबह इनका छिलका उतारकर खा लें। बादाम खाते वक्त इन्हें बहुत अच्छी तरह से चबाएं। इससे आंतों में पहुंचने के बाद इन्हें पीसना और शरीर में अच्छी तरह इनकी खूबियों को सोखना आसान होता है। आप चाहें तो बादाम मिल्क भी बना सकते हैं।
ओटमील खाएं
ओटमील्स भी शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी करने का एक अच्छा विकल्प हैं। हालांकि इसमें कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक नहीं होती है। लेकिन आपकी डायट में शामिल दूसरी कैल्शियम आधारित  चीजों के साथ इसे खाने पर यह डायट में मिलकर शरीर में कैल्शियम की डोज को पूरा करता है।
बीन्स देंगी भरपूर कैल्शियम
बीन्स सिर्फ कैल्शियम से ही भरपूर नहीं होती हैं बल्कि इनमें प्रोटीन की मात्रा भी बहुत अधिक होती है। ऐसे में आप बीन्स की सलाद या सब्जी का नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं। हमारे देश में कई तरह की बीन्स होती हैं। तो हर दिन अलग तरह की बीन्स की सब्जी खाएं। टेस्ट भी बदलता रहेगा और सेहत भी बनी रहेगी।
संतरा या ऑरेंज
कैल्शियम सोर्स के मामले में संतरे का नाम देखकर आप हैरान हो सकते हैं। क्योंकि संतर को विटमिन-सी के शानदार सोर्स के रूप में ज्यादा जाना जाता है। लेकिन संतरे में कैल्शियम भी अन्य फ्रूट्स की तुलना में काफी हाई होता है। इसलिए कोशिश करें कि न्यूट्रिशन से भरपूर डायट के साथ ही हर दिन कम से कम 2 संतरे जरूर खाएं।
सफेद तिल या सेसमी
सफेद तिल के लड्डू तो आपने बहुत खाए होंगे लेकिन यह बात आपको शायद ही पता हो कि तिल कैल्शियम से भरपूर होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर आप दिन में बड़े साइज के तिल के दो लड्डू खा लेते हैं तो शरीर में कैल्शियम की करीब आधी जरूरत पूरी हो जाती है। क्योंकि 1 टेबल स्पून में करीब 88 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि तिल तासीर में बहुत अधिक गर्म होते हैं। इसलिए आपकी डायट में शामिल अन्य चीजें ठंडी प्रकृति की होनी चाहिए। जैसे, संतरा, अंगूर, बीन्स और अन्य फ्रूट्स।
इसके अलावा सफ़ेद til को सामान मात्रा में जीरा मिलाकर भोजन के बाद सौफ सुपारी की जगह लेने से फायदा होता हैं
सोया मिल्क
जिन्हें लेक्टॉस से एलर्जी है उनके लिए सोया मिल्क कैल्शियम पाने का एक बेहतरीन विकल्प है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ग्लास सोया मिल्क में गाय या भैस के दूध से कहीं अधिक कैल्शियम और प्रोटीन होता है। आप चाहें तो इससे कॉफी और दही बनाकर भी इसका उपयोग कर सकते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां
एक कटोरी हरी पत्तेदार सब्जी से हमें करीब 100 मिलीग्राम कैल्शियम की प्राप्ति होती है, ऐसा कुछ समय पहले एक हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा कराई गई स्टडी में सामने आया। ऐसे में हम ग्रीन सलाद  बीन्स सलाद  और हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकते हैं। तो कोशिश कीजिए कि हर दिन कम से कम एक पत्तेदार सब्जी का सेवन जरूर कर लें।
कैल्शियम की अधिकता होना भी कभी कभी घातक हो सकता हैं। इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। अधिकता के कारण भोजन में अरुचि ,उलटी की इच्छा होना ,कभी कभी कब्ज़ और उदरशूल ,अधिक पानी पीना और मूत्र त्याग की अधिकता ,थकावट कमजोरी और मांस पेशियों  में दर्द पर जांच करा कर कम करना चाहिए।
कई लोगों को दूध के प्रति भ्रांतियां हैं जैसे दूध मांसाहार की श्रेणी में आता हैं ,क्योकि उसका उत्पादन पशुओं से होता हैं ,पर यह सोचना पूर्णतः गलत हैं। जब पशु खाना खाता हैं यानी घास भूसा खाता हैं तो वह पाचन के बाद रक्त में परिवर्तित होने के पहले जो उपरस होता हैं उसे दूध कहते हैं। गाय का दूध श्रेष्ठतम होता हैं ,गाय का दूध ,दही ,मूत्र गबर और घी पंचामृत मान जाता हैं। दूध पशु और माँ वात्सल्य भाव से देती हैं। दूध एक सम्पूर्ण आहार हैं जिसमे सभी आहार के सभी घटक मौजूद रहते हैं।
दूध को मांसाहार मानना वैसा ही होगा जैसे पूर्णिमा को अमावस्या कहना होगा। (ईएमएस फीचर)