वाराणासी। आगामी विधानसभा 2022 चुनाव से पहले अपना दल (पल्लवी गुट) की राष्ट्रीय नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन पल्लवी पटेल ने कहा कि भागीदारी संकल्प मोर्चा की जल्द बैठक होगी। जिसमे मोर्चे से जुड़े सभी दलों के नेताओं के बीच इस विषय पर मंथन होगा कि अब किस दिशा में आगे बढ़ना है। रविवार को वाराणसी पहुंची पल्लवी पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा से मुकाबले के लिए पिछड़ों को एकजुट होकर लड़ना होगा। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच हुए समझौते के बाद उनकी अभी ओपी राजभर से कोई बात नहीं हुई है।
  उन्होंने कहा है कि मोर्चा पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए बना है। किसी पार्टी के साथ गठबंधन पर पल्लवी पटेल ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए हर किसी को उनकी जरूरत होगी तो बेशक विचार करेंगी। वहीं दो दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेबी रानी मौर्या के पुलिस थानों पर दिए गए विवादित बयान पर उन्होंने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतनी वरिष्ठ नेता यूं ही बयान नहीं दे सकतीं। उनके बयान पर विपक्ष की बात को बल मिलता है। किस मोर्चे पर सरकार विफल हैं, ये बीजेपी के नेता ही बोल रहे हैं। पल्लवी पटेल ने कहा कि भाजपा की करनी और कथनी में बहुत फर्क है। अपना दल नेता पल्लवी पटेल दो दिनों से वाराणसी में सक्रिय है। एक दिन पहले वाराणसी से प्रयागराज, फतेहपुर, बांदा के रास्ते मिर्जापुर तक यात्रा निकालने को लेकर जब पुलिस ने उन्हें अनुमति न होने का हवाला देते हुए रोका तो वे धरने पर बैठ गईं थीं। अपना दल का गठन सोनेलाल पटेल ने किया था, जिसकी कमान उनके निधन के बाद अनुप्रिया पटेल ने संभाली। 2012 में अनुप्रिया पटेल पहली बार विधायक चुनी गई और 2014 में बीजेपी से गठबंधन कर सांसद बनी। इसके बाद मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटेल के बीच सियासी वर्चस्व की जंग छिड़ गई।