पटना. बिहार में कोरोना (Corona) के बढ़ते संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे (Bihar Minister Mangal Pandey) ने मंगलवार को पटना सिटी के एनएमसीएच (NMCH) स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने पीपीई कीट (PPE Kit) पहनकर अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों से मुलाकात की और अस्पताल में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी ली. इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किया. स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में घूम-घूमकर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और सुविधाओं का भी जायजा लिया.

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सचेत और गंभीर है. उनका कहना था कि अन्य राज्यों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश में मरीजो की टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट पर लगातार काम किया गया है, और इसे और भी बेहतर बनाए जाने को लेकर लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कि मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होने के बावजूद भी मरीजों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. चिकित्सकों का पूर्व का अनुभव मरीजो के इलाज में काफी कारगर सिद्ध हो रहा है.

उन्होंने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर सभी जिलों के सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को कई आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाने की बात दोहराते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कोरोना मरीजो के लिए बेड़ो की संख्या बढ़ाए जाने की भी बात कही. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने एनएमसीएच में 44, पटना एम्स में 30 और पीएमसीएच में भी आवश्यकता के मुताबिक बेड़ो की संख्या बढ़ाए जाने का आश्वासन दिया.


मंगल पांडे का कहना था कि एनएमसीएच में भर्ती कोरोना पीड़ित मरीज यहां की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं. उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और भी अधिक बेहतर बनाए जाने का भरोसा दिलाते हुए कोरोना के सामान्य मरीजों से रेफरल अस्पतालों और अनुमंडल स्तरीय अस्पतालों में इलाज करवाए जाने की गुजारिश की, ताकि मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर लोड को कम किया जा सके. पीएमसीएच में जिंदा मरीज को मुर्दा का प्रमाण पत्र दिए जाने और मामले में सिर्फ हेल्थ मैनेजर पर कार्रवाई किए जाने के संबंध में पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने पूरा मामला काफी गंभीर बताते हुए कहा कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इस मौके पर एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ विनोद कुमार सिंह, नालंदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ हीरालाल महतो के अलावे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कई चिकित्सक मौजूद थे.