बिलासपुर । राजधानी के बाद अब न्यायधानी में भी आरटीपीसीआर जांच शुरू होगी। विभागीय अनुमति मिलने के बाद सिम्स प्रबंधन ने आज से ही आरटीपीसीआर जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। जिसके बाद अब जिले में संदेहियों के जांच में निश्चित रूप से तेजी आएगी। क्योकि पूर्व में जिले के संदेहियों के जांच सैम्पलिंग के बाद रायपुर से उनकी रिपोर्ट आने में करीब 4 से 5 दिन लग जाता था। लेकिन जिले में अब आरटीपीसीआर जांच शुरू होने से रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नही करना पड़ेगा। आपको बता दे पूर्व में सिम्स में बने वायरोलॉजी लैब की निरीक्षण करने के लिए एक टीम पहुुंची थी जिसके बाद अब प्रबंधन को जवाब देते हुए मेडीकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच करने की अनुमति मिल गई है लेकिन अब आई डी और पासवर्ड का इंतजार था। जो शुक्रवार को सिम्स को मिल गया है।
बताया जा रहा है। वायरोलॉजी लैब में ही इसकी जांच हो सकेगी। आरटीपीसीआर मशीन के संचालन हेतु पूर्व में ही मेडिकल स्टाफ को ट्रैनिंग दे दी गई है। डॉक्टरो की माने तो आरटीपीसीआर मशीन में जांच हेतु एक पारी के यानी आठ घंटे के लिए कम से कम 2 साइंटिस्ट, 8 लैब टेैक्निशिनयन, तीन लैब अटेंडेंट और चार डाटा एंट्री ऑपरेटर कि आवश्यकता पड़ती है। जिनके चयन के बाद ही आरटीपीसीआर जांच हेतु हॉस्पिटल प्रबंधन ने निर्णय लिया है। 
केवल जिले के संदेहियों की होगी जांच
सिम्स हॉस्पिटल में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति मिलने के बाद प्रथम चरण में जांच सैम्पलिंग की संख्या निर्धारित कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मिले निर्देश के अनुसार सिम्स में फिलहाल रोजाना आरटीपीसीआर मशीन में 200 सैम्पल की जांच हो सकेगी। इसके अलावा वर्तमान में केवल जिले के ही संदेहियों की जांच की जाएगी।