बड़े-बूढ़े अक्सर कहा करते हैं कि शादी वह लड्डू है जो खाए वा भी पछताए और जो ना खाए वो भी। खैर यदि आपकी भी शादी हो चुकी है या होने वाली है तो अपने आप से एक बार यह जरूर पूछें की क्या आप अपनी पाट्र्नर के नेचर से पूरी तरह वाकिफ हैं। अगर नहीं तो हम आपकी सहायत करते हैं। ये बता कर कि किस राशि की लड़की रिलेशनशिप में कैसा व्यवहार करती है। यदि आप भी अपने पार्टनर की राशि जानते हैं तो आप भी उसके व्यवहार और व्यक्तित्व को जान सकते हैं….

मेष राशि की महिलाएं

 
मेष राशि वाली महिलाओं को हमेशा सच्चे प्यार की तलाश रहती है। जो उन्हें बड़ी मुश्किलों के बाद मिलता है लेकिन जब ये इन्हें मिलता है है तो ये प्यार इन्हें मंत्रमुग्ध कर देता है दूसरे लहजे में कहा जाये तो वो केवल आकर्षण ही है जो इन्हें इस तरह मंत्रमुग्ध करता है।जब आप एक मेष महिला से मिलते हैं, पहली बात जो आप को प्रभावित करती है वो है उस की प्रबलता। ऐसी महिलाएं चाहती हैं कि उन्हें ऐसा प्रेमी मिले जो उसे विश्वास दिलाये की वो उस की ज़िन्दगी में सबसे पहले और महत्वपूर्ण है।

वृषभ राशि की महिलाएं

 
वृषभ राशि के लोगों का प्यार निर्मल कोमल और मधुर होता है। इनके प्यार में जहाँ एक तरफ मिठास होती है वहीँ इनका प्यार दूसरों को अपनी और खींचता है या हम ये भी कह सकते हैं की इनका प्यार दूसरे के लिए बिलकुल चुम्बक की तरह काम करता है। वृषभ राशि की महिलाएं जिस किसी से भी प्रेम करती हैं उनसे बिलकुल सच्ची निष्ठां से प्रेम करती है और चाहती है की वो भी उनको ठीक उसी प्रकार समझे।ऐसी औरतों का मन बड़ा ही शांत और स्थिर होता है। इनके अन्दर दिखावा बिलकुल नहीं होता लेकिन जब इन्हें गुस्सा आता है तो इन्हें संभालना बड़ा मुश्किल होता है । ऐसी महिलाएं किसी एक व्यक्ति की होकर रहती हैं ।

मिथुन राशि की महिलाएं

 
यह बहुत रोमांटिक होती है और अगर वहाँ कोई भी संदेह है, तो वो उसे ढूँढती रहेगी। ऐसी महिलाएं बहुत ही चंचल होती हैं, जो प्यार में गिरती संभाली रहती है और हमेशा ही पूर्णता की तलाश में रहती हैं। ज्यादातर लोग मिथुन महिलाओ की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाते हैं। मिथुन महिलाओं को बहुत मुश्किल से ही पूरी तरह से प्यार मिल पाता है।इनका मानना है कि प्यार परियों की कहानियों जैसा होता है, इसलिए ये बहुत समझदारी से काम नहीं लेतीं। ऐसी महिलाएं अपने व्यक्तित्व के सारे पहलु अपने प्रेमी के सामने खोल कर रख देती हैं । ऐसी महिलाओं में ईर्ष्या का भाव दूसरे लोगों के अनुपात में ज्यादा होता है।