Business Opportunity: अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होने के साथ ही नया एजुकेशनल सीजन भी शुरू होगा. इस वजह से अप्रैल में नोटबुक की मांग काफी बढ़ जाती है. अगर आप नोटबुक बनाने का बिजनेस शुरू करते हैं तो आपके पास शुरुआत से ही कमाई होने लगेगी.

नई दिल्ली. अगर आप बिजनेस (Business) शुरू करना चाहते हैं तो नोटबुक बनाने का बिजनेस (Notebook Manufacturing) शुरू कर सकते हैं. यह बिजनेस शुरू करने का अभी बढ़िया समय है. क्योंकि अप्रैल से नया वित्त वर्ष (New Financial Year) शुरू होने के साथ ही नया एजुकेशनल सीजन भी शुरू होगा. इस वजह से अप्रैल में नोटबुक की मांग काफी बढ़ जाती है. अगर आप अभी में यह बिजनेस शुरू करते हैं तो एक-दो माह में आप अपना बिजनेस अच्‍छी तरह से जमा सकते हैं. यह बिजनेस केंद्र सरकार की एमएसएमई स्कीम से जुड़ा है, जिसके तहत बिजनेस शुरू करने पर आपको 60 से 80 फीसदी तक सरकारी मदद मिल जाती है. आइए जानते हैं नोटबुक बनाने का बिजनेस शुरू करने के बारे में सबकुछ...

इतने पैसे की होगी जरूरत
आप यह बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपके पास कम से कम 4 लाख रुपये होने चाहिए. इसके बाद आप बैंकों से लोन के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं. सरकार द्वारा तैयार की प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल रिपोर्ट के मुताबिक, आप 9 लाख रुपये वर्किंग कैपिटल लोन और 3.50 रुपये का टर्म लोन ले सकते हैं. इस तरह आप लगभग 16.50 हजार रुपये का प्रोजेक्‍ट शुरू कर सकते हैं.
बिजनेस की काफी है डिमांड
इस बिजनेस की खास बात यह है कि नोटबुक, नोट पैड या रिकॉर्ड बुक की डिमांड हर जगह है, चाहे स्कूल-कॉलेज हों या ऑफिस या बिजनेस, हर जगह इसकी जरूरत होती है. यहां तक कि घरों में भी कई कामों में इनका इस्तेमाल होता है. नोटबुक या नोट पैड की डिमांड दिनों-दिन बढ़ रही है. अगर आपके प्रोडक्ट की क्वालिटी अच्छी है तो बिजनसे में सफल होने का चांस ज्यादा है. आप किसी भी एरिया में बिजनेस शुरू कर सकते हैं.

इन चीजों की होगी जरूरतआपके पास स्पेस या बिल्डिंग है या नहीं है, दोनों कंडीशन में बिजनेस शुरू किया जा सकता है. अगर आपके पास स्पेस नहीं है तो आप 500 वर्गफुट तक का स्पेस रेंट पर ले सकते हैं. इसके लिए आपको एरिया के हिसाब से रेंट देना होगा. रेंट 5 से 15 हजार रुपये तक हो सकता है. खुद की स्पेस है तो ये पैसा भी आपके बचत में शामिल हो जाएगा. इस स्पेस पर आपको मशीनरी सेट-अप करना होगा.
बिजनेस शुरू करने में इतना होगा खर्च
कुल खर्च: 16.88 लाख रुपये, वर्किंग कैपिटल: 12 लाख रुपये, वर्किंग कैपिटल में रॉ मैटेरियल, लेबर चार्ज, पैकिंग, टेलिफोन बिल, बिजली का बिल, रेंट आदि शामिल है. मशीनरी पर खर्च: 3.94 लाख रुपये, फिक्स्‍ड इन्वेस्टमेंट में पूरी मशीनरी और अन्य सेट-अप का खर्चा शामिल है. इलेक्ट्रिफिकेशन: 35 हजार रुपये, फर्नीचर: 45,400 रुपये.

ऐसे होगी कमाई
सरकार ने एस्टीमेट तैयार किया है, जिसमें प्रोडक्शन कास्‍ट और सेल के हिसाब से टर्नओवर का रेश्‍यो तैयार किया गया है. एक फिक्स्‍ड मात्रा में प्रोडक्ट तैयार करने और उसकी एमआरपी तय करने के बाद, कास्ट ऑफ प्रोडक्शन पर 4 लाख रुपये महीना यानी 47 लाख रुपए सालाना, टर्नओवर- 5 लाख रुपये महीना यानी 59 लाख रुपये की सेल सालाना होगी. दूसरे खर्च करीब 4.85 लाख रुपये सालाना, नेट ऑपरेटिंग प्रॉफिट 7.38 लाख रुपये सालाना होगा. टैक्स का खर्च निकालने के बाद नेट प्रॉफिट 7 लाख रुपये सालाना होगा. यानी हर महीने आप 50 हजार रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं.