अमृतसर| दस दिन से देहाड़ी नहीं मिली तो बच्चे को अगवाह कर कत्ल कर दिया। अब जब आरोपी नंदन पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है तो उसे अफसोस हो रहा है। मृतक 11 साल का रंजन जिस नंदन को अपने बड़े भाई की तरह मानता था, वहीं उसका कातिल निकला। पूछताछ में नंदन ने बताया कि वह रंजन के बड़े चचेरे भाई दीपक का दोस्त था। दीपक और रंजन दोनों रोजाना मिलते थे। रंजन के घर भी उसका आना जाना था। फिलहाल नंदन को पुलिस कस्टडी में रखा गया है और आज कोर्ट में पेश किया जाना है।नंदन ने बताया है कि रंजन को वह बिना किसी को बताए साथ ले आया था। उसे अपने घर में रखा। लेकिन नंदन रात को शोर मचाना शुरु हो गया। जिसके बाद रंजन ने उसे गालियां निकालना शुरु कर दिया। गुस्से में आकर उसने रंजन का गला दबाया और हत्या कर दी। सुबह उठते ही उसने रंजन के पिता को फोन किया और पैसों की मांग की। रंजन को वह अधिक समय अपने घर नहीं रख सकता था। जिसके बाद उसने रंजन को बोरी में डाला और बुधवार दोपहर नहर में फैंक आया। लेकिन इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
बच्चे के कातिल का कबूलनामा
नंदन ने बताया कि वह दस दिन से बेरोजगार था। वे दिहाड़ी करता या मिस्त्री का काम करता था। अधिक लेबर आ जाने से उसे दस दिन से कहीं भी काम नहीं मिला। पिता की मौत के बाद परिवार का बोझ उस पर था। मां और पत्नी पैसों के लिए ताने मारते थे। कुछ दिन पहले वह रंजन के घर पर था तो उसे पित गौरख नाथ 40-50 हजार की बात कर रहे थे। उसे लालच आ गय और उसने रंजन को उठाने की प्लानिंग कर ली। वे उसे मारना नहीं चाहता था, लेकिन जब उसने गाली गलौच किया तो गुस्से में उसने उसका गला दबा दिया।