मथुरा. राजधानी दिल्ली (Delhi) स्थित एक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे मासूम शौर्य (Shaurya) की सलामती के लिए अब लोगों के हाथ उठने लगे है. मथुरा (Mathura) के करीब एक दर्जन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों ने मृतकों की शांति के लिए कैंडल मार्च (Candle March) निकाला और घायल शौर्य के लिए प्रार्थनाएं भी की. मथुरा के एक दर्जन से अधिक जगहों पर हुए कैंडल मार्च में बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिलायें बड़ी संख्या में शामिल हुए.

मासूम शौर्य के साथ खेलने वाले बच्चे भी कर रहे प्रार्थना

मासूम शौर्य के साथ खेलने वाले बच्चे भी काफी दुखी है और वह भी शौर्य के लिए प्रार्थना कर रहे है. बच्चों के साथ साथ शौर्य की जिंदगी के लिए प्रार्थना कर रहे लोगों ने भी शौर्य के लिए दुआएं करने की अपील की. इस दौरान मौजूद लोगों का कहना था कि शौर्य ही तीन लोगों की एक साथ हुई मौत का गवाह और मृतक नीरज अग्रवाल के घर का इकलौता चिराग है.


1 जनवरी को यमुना एक्सप्रेसवे पर मिली थी परिजनों की लाश

गौरतलब है कि नए साल के पहले ही दिन यमुना एक्सप्रेसवे पर गाड़ी में बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल, उनकी पत्नी और 6 साल की बेटी की गोली लगी लाश मिली थी. तीन लाश मिलने और तीनों के एक साथ अंतिम संस्कार ने सभी को हिला कर रख दिया था. इस दौरान लाशों के बीच शौर्य घायल हालात में जिंदा मिला था, जिसका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है.

सुसाइड और मर्डर की मिस्ट्री में फंसा है मामला

एक्सप्रेसवे पर गाड़ी में गोली लगी बंद मिली तीन लाशों को पुलिस आत्महत्या से जोड़ कर चल रही थी. वहीं परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए 4 नामजद लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. फिलहाल यह मामला हत्या और आत्महत्या के बीच में फंसा हुआ है.