दिल्ली में बवाल पर कैप्टन अमरिंदर बोले- हिंसा अस्वीकार्य, राजधानी खाली कर सीमाओं पर जाएं किसान

राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस प किसानों की ओर से निकाला गया ट्रैक्टर परेड उग्र रूप धारण कर लिया। स्थिति ऐसी हो गई कि पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले और छोड़ने पर और कुछ जगहों पर लाठीचार्ज भी करनी पड़ी। दिल्ली में बवाल के बाद अब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर का बयान सामने आया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि दिल्ली में हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला है। कुछ तत्वों के द्वारा ये हिंसा अस्वीकार्य है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसान नेताओं ने खुद को इससे अलग कर लिया है और ट्रैक्टर रैली को सस्पेंड कर दिया है। अमरिंद सिंह ने कहा कि मैं सभी किसानों से दिल्ली को खाली करने और सीमाओं पर लौटने का आग्रह करता हूं।

बता दें कि ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली पुलिस से मिली मंजूरी के उलट किसानों ने सुबह ही दिल्ली की कई सीमाओं पर बैरिकेड तोड़कर राजधानी में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। जिस समय राजपथ पर देश की आन, बान और शान का प्रदर्शन चल रहा था ठीक उसी समय किसानों ने भी घमासान शुरू कर दिया। दोपहर 2 बजे तक किसान लाल किले की प्राचीर तक पहुंच गए और वहां उस जगह अपने झंडे लहरा दिए जहां हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं।

कहीं ट्रैक्टर से बैरिकेट तोड़ दिए गए, कहीं रास्ते में खड़े किए गए बसों को पलट दिया गया तो कहीं पुलिस पर तलवार से हमला कर दिया गया। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे तो कुछ जगहों पर हल्का लाठीचार्ज किया गया। पुलिस ने मंगलवार को लगभग 90 मिनट तक चली अफरातफरी के बाद प्रदर्शनकारी किसानों को लालकिला परिसर से हटा दिया।

किसान अपनी ट्रैक्टर परेड के निर्धारित मार्ग से हटकर इस ऐतिहासिक स्मारक तक पहुंच गए थे जहां उन्होंने अपने झंडे लगा दिए। बाद में, पुलिस ने लालकिला परिसर को खाली कराने के लिए लाठीचार्ज किया। इससे पहले लगातार उद्घोषणा की जा रही थी कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से लालकिले से हट जाएं।