खनन में पैसा निवेश करवा एक साल में राशि डबल करने का झांसा देकर करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले में दिल्ली के रानी बाग थाना के इंस्पेक्टर गौरव ने अराेपियाें की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं। इस मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर गौरव ने आरोपियों के घरों सहित अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी। सभी गायब मिले। इसके साथ ही उन्होंने फोन बंद किया हुआ है। भूमिगत आरोपियों की तलाश जारी है जिसके लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क करके मदद ली जा रही है।

गाैरतलब है कि इस मामले में आरोपी कृष्ण कुमार, कुनाल सिंह, देवकी नंदन अग्रवाल, योगेश सिंह, नरेंद्र की दिल्ली स्थित रोहिणी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। बता दें कि तलाकी गेट हाल दिल्ली स्थित पीतमपुरा में रहने वाले पूर्व पार्षद राधेश्याम सोनी की शिकायत पर दिसंबर 2019 को रानीबाग थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी।

इसमें डिफेंस काॅलोनी वासी नरेंद्र सिंह, इसकी पत्नी कृष्णा सिंह, बेटे योगेश सिंह कुनाल सिंह, अग्रवाल कलर लैब के संचालक सेक्टर-14 वासी देवकी नंदन अग्रवाल, इसके भाई आजाद गली नजदीक बालाजी अस्पताल वासी कैलाश कुमार, मॉडल टाउन नजदीक गैस एजेंसी वासी कृष्ण कुमार, मैसेर्ज अशाली इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, केयदन इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के पदाधिकारी शामिल हैं। शिकायतकर्ता सोनी का कहना है कि मुझसे 1 करोड़ 93 लाख 66 हजार रुपये ठगे हैं। मूल मिला ब्याज। मेरी तरह 25 से ज्यादा पीड़ित हैं जिनसे लाखों-करोड़ों रुपये ठगे हैं।