भोपाल । कलेक्टर अविनाश लवानिया ने जिले में बाल विवाह रोकने के निर्देश दिये हैं। बाल विवाह करने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। जिले में कहीं भी बाल विवाह हो तो आम नागरिक बाल विवाह की सूचना पुलिस हेल्पीलाइन नम्बंर-100, चाइल्ड  हेल्पोलाइन नम्बार-1098, महिला हेल्प्लाइन नम्बबर-181 पर सम्प‍र्क कर सकते हैं।
बाल विवाह रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 भी प्रभावी है। इस अधिनियम के अंतर्गत कोई भी बालिका जिसकी आयु 18 वर्ष से कम एवं बालक जिसकी उम्र 21 वर्ष से कम है का विवाह बाल विवाह कहलायेगा। इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बाल विवाह किये जाने पर बच्चों के माता-पिता, विवाह में शामिल होने वाले रिश्तेदार सेवा प्रदाता जैसे प्रिटिंग प्रेस, बैंड वाले, हलवाई, गार्डन/धर्मशाला मालिक, घोड़ी वाले आदि सभी को भी बाल विवाह में सहयोगी मान कर, आरोपी माना जायेगा, ऐसे विवाह (बाल विवाह) में इस प्रकार से सहयोग किए जाने पर 2 वर्ष का कारावास एवं 1 लाख रूपये का जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है।
भोपाल जिला प्रशासन ने सभी सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि किसी भी विवाह कार्यक्रम में सेवा प्रदान करने से पूर्व विवाह बंधन में बंधने वाले युवक-युवती की आयु के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही विवाह में सेवाएँ दें व प्रशासन को बाल विवाह रोकथाम की इस मुहिम में सक्रिय योगदान दें।
बाल विवाह के व्यापक दुष्परिणाम हैं जो कि व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं। ये बालिका की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसर, निर्णय लेने का अधिकार आदि सभी को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है जिसके दुष्परिणाम अंतत: समाज को ही भुगतने पड़ते हैं।