लखनऊ. कोरोना महामारी (Corona Epidemic) से लड़ रही योगी सरकार (Yogi Government) के सामने बरसात के मौसम में पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस महामारी से जंग लड़ना एक बड़ी चुनौती है. इंसेफेलाइटिस (Acute Encephalitis Syndrome) से बच्चों की मौतों को रोकने के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने 01 जुलाई से पूरे प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग व अन्य संबंधित विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा.
सीएम ने जेई वैक्सीन का टीका लगाने के निर्देश दिए है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पिछले वर्ष प्रदेश में शुरू किए गए संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के कारण जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) एईएस (एक्यूट इन्सेफेलाइटिस) से पीड़ित मरीजों में 65 फीसदी की कमी आई थी. पूर्वांचल में 40 लाख बच्चों का टीकाकरण हुआ था. दरअसल बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में 10-11 अगस्‍त 2017 की रात ऑक्‍सीजन की कमी से हुई 36 बच्‍चों की मौत से पूरा देश हिल गया था.

मौत के आंकड़ों में आई थी कमी
दस्तक अभियान को केंद्र सरकार ने भी खूब सराहा है.इन प्रयासों का नतीजा रहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में जापानी इंसेफ्लाइटिस से वर्ष 2016 में जहां 442 पीड़ित बच्चों में से 74 की मौत हुई थी, वहीं 2019 में कुल भर्ती 235 मरीजों में से केवल 21 ही काल-कवलित हुए. इसी तरह 2016 में एईइस के कुल 1765 बच्चों में से 466 की मौत हुई. वहीं 2019 में 541 में से केवल 54 को ही नहीं बचाया जा सका.

क्या है जापानी बुखार या दिमागी बुखार
मेडिकल टर्म यानी चिकित्सकीय भाषा में अगर इस बीमारी के सिमटम्स और ज्यादा यानी हालात और खराब होने पर इसे एक्यूट इनसेफिलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) कहा जाता है. वो बीमारी, जो ज्यादातर 16 साल से कम उम्र के बच्चों को ही अपना शिकार बनाती है. जैपनीज इनसेफलाइटिस यानी कि जापानी बुखार या दिमागी बुखार. गोरखपुर, महाराजगंज, गोंडा, बहराइच समेत पूर्वांचल का एक बड़ा इलाका वर्षों से इस घातक बीमारी से जूझ रहा है.