पार्टी लाइन से अलग जाते हुए मुंबई के कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवरा ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की. जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें शुक्रिया अदा किया.
    मिलिंद देवरा ने की हाउडी मोदी की तारीफट्वीट पर पीएम मोदी ने भी दिया जवाबकिरण रिजिजू ने भी किया मिलिंद का शुक्रिया

अमेरिका के ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की दुनियाभर में चर्चा है. देश में भी उनके भाषण पर बहस छिड़ी है, इस बीच पार्टी लाइन से अलग जाते हुए मुंबई के कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवरा ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की. जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनका शुक्रिया अदा किया.

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाउडी मोदी कार्यक्रम पर मिलिंद देवरा ने सोमवार को एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ‘ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री का भाषण भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी को दर्शाता है. मेरे पिता मुरलीभाई की गिनती भारत-अमेरिका के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने वालों में होती है. डोनाल्ड ट्रंप की मेहमाननवाजी और भारतीय-अमेरिकियों के योगदान को स्वीकारना गर्व की बात है.’

इसी का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, ‘शुक्रिया मिलिंद देवरा, आप बिल्कुल ठीक हैं मेरे दोस्त मुरली देवरा अमेरिका के साथ अच्छे संबंध के पक्षधर थे. अगर वो आज होते तो काफी खुश होते. अमेरिकी राष्ट्रपति के द्वारा किया गया स्वागत शानदार रहा.’
प्रधानमंत्री और मिलिंद देवरा के बीच संवाद यहीं नहीं रुका. मिलिंद देवरा ने एक बार फिर ट्वीट किया और लिखा, ‘शुक्रिया नरेंद्र मोदी जी, मुरलीभाई ने राष्ट्र को पहले रखा और अमेरिका-भारत के संबंधों को बढ़ाने की कोशिश की. मेरे साथ बातचीत के दौरान कई डेमोक्रेट-रिपब्लिकन दोस्त भी मानते हैं, 21वीं सदी भारत की है.’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी मिलिंद देवरा की तारीफ की. किरण रिजिजू ने लिखा कि मिलिंद देवड़ा के द्वारा एक शानदार और ईमानदारी भरा राजनीतिक कमेंट किया गया है. इसी के साथ केंद्रीय मंत्री ने एक वाक्य को भी ट्वीट किया. इसके जवाब में मिलिंद देवरा ने लिखा, शुक्रिया किरण. मैंने हमेशा माना है कि विदेश नीति हमेशा राजनीति से अलग होनी चाहिए.

गौरतलब है कि एक तरफ मिलिंद देवरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कांग्रेस के कई नेताओं ने इसपर सवाल खड़े किए हैं और विदेश नीति के गलत इस्तेमाल की बात कही है.