नियमितीकरण की मांग:रायपुर में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर, कई जिलों में इस्तीफा देना शुरू; भिलाई विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
 



नियमितीकरण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हो गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष सहित 50 कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद अब रायपुर में भी मंगलवार को कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। ये फोटो बलौदाबाजार की है। इसके साथ ही

10 जिलों में इस्तीफा देना शुरू हो गया है।

रायपुर में 700 संविदा कर्मचारी, इनमें से 400 ने काम बंद करने पर सहमति जताई
 

जिला चिकित्सा अधिकारी को 150 हड़ताली कर्मचारियों के नाम की लिस्ट सौंपी गई

नियमितीकरण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हो गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष समेत 50 कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद अब रायपुर में भी मंगलवार को कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। जिले में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में इस्तीफा देने का दौर भी शुरू हो गया है।

रायपुर में कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। हड़ताली कर्मचारियों की सूची भी जिला चिकित्सा अधिकारी को सौंपी गई है। मांग को लेकर 400 स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच काम बंद करने की सहमति बनी है।
रायपुर में कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। हड़ताली कर्मचारियों की सूची भी जिला चिकित्सा अधिकारी को सौंपी गई है। मांग को लेकर 400 स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच काम बंद करने की सहमति बनी है।
रायपुर में कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। हड़ताली कर्मचारियों की सूची भी जिला चिकित्सा अधिकारी को सौंपी गई है। मांग को लेकर 400 स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच काम बंद करने की सहमति बनी है। हालांकि लिस्ट में 150 कर्मचारियों का नाम है। कर्मचारियों का कहना है कि वे 15-20 से साल से संविदा के पद काम कर रहे हैं, लेकिन आज वेतन सिर्फ 13 हजार ही मिल रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की, कहा- काम नहीं रुकेगा

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। सीएमएचओ मीरा बघेल ने कहा, रायपुर जिले में 700 संविदा स्वास्थ्यकर्मी हैं। इसमें से 150 हड़ताली कर्मचारियों की लिस्ट अभी उनके पास आई है। इसमें उन्होंने काम बंद करने की बात कही है। सीएमएचओ का कहना है, वैकल्पिक व्यवस्था कर काम किया जाएगा, कोई काम नहीं रुकेगा। थोड़ा प्रभावित जरूर होगा।

राजनांदगांव में कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। हड़ताल पर गए कर्मचारी अब बैठक कर आगे की रणनीति बना रहे हैं।
राजनांदगांव में कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। हड़ताल पर गए कर्मचारी अब बैठक कर आगे की रणनीति बना रहे हैं।
 

कर्मचारी बोले- गोबर बेचकर पैसा मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे

मांगों के समर्थन और सरकार की कार्रवाई के विरोध में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और बलौदाबाजार में कर्मचारियों ने इस्तीफा दिया है। जशपुर में कर्मचारियों ने अपने नेता विजय झा को बर्खास्त किए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि अब वे गोठनों में गोबर एकत्र कर बेचेंगे। जो पैसा मिलेगा उसे मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किया जाएगा।

भिलाई विधायक ने कर्मचारियों को नियमित करने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

वहीं भिलाई विधायक और मेयर देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई है। विधायक देवेंद्र ने लिखा है, 16 साल से 13000 संविदा कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना में भी उन्होंने 7 माह से निष्ठा पूर्वक सेवा दी है। इसके चलते कई कर्मचारी संक्रमित भी हुए हैं। इनको स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं भी नहीं है। ऐसे में इनकी मांगों पर विचार किया जाना चाहिए।