कुछ लोग इतने संवेदनशील होते हैं कि अगर उनका उत्साह टूट जाए तो वे हिम्मत हार जाते हैं। किसी एक क्ष्‍ोत्र में मिली हार के बाद वे प्रयत्न करना ही बंद कर देते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि योग्यता होने के बावजूद वह औसत या उससे भी निचले दर्जे के व्यक्ति बनकर रह जाते हैं। लोग यह भूल जाते हैं कि जीवन किसी एक की सफलता पर आधारित नहीं वह तो निरंतर श्रम और प्रयत्न पर निर्भर है। इसलिए हमें कभी भी अपनी परिस्थितियों के आगे घुटने नही टेकने चाहिए बल्कि उनका डट कर मुकाबला करना चाहिए और हिम्मत और धैर्य से काम लेना चाहिए। 
हमें विपरीत परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए, अपने पर विश्वास रखना चाहिए और धैर्यपूर्वक सही दिशा में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। ऐसा करने से हमें सफलता निश्चित ही मिलेगी, इसे कोई रोक नहीं सकता।
बढ़ेगी एकाग्रता
हमारे आसपास मौजूद ऊर्जा हम पर सीधा प्रभाव डालती है। अगर मन स्थिर नहीं रहता या एकाग्रता की कमी है तो कहीं न कहीं हमारे आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा इसका कारण हो सकती है और यही हमारी सफलता में बाधक हो सकती है। ऊर्जा का संतुलन बेहद आवश्यक है।