इंदौर.कोरोना वायरस (corona virus) के कारण मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. इंदौर (indore) में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है. ऐसे में इंदौर जिला प्रशासन ने शहर के कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में इलाज के साथ जागरुकता फैलाने का फैसला किया. वहाँ के लोगों की स्वास्थ्य की जानकारी लेने और उनका इलाज कराने के लिए विशेष दल बना दिए गए हैं.

अभिभावक की भूमिका निभाएंगे दल के सदस्य

दल के सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. इन में आँगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को रखा गया है. प्रत्येक कार्यकर्ता को 200 घरों की जवाबदारी दी गई है. ये आँगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ता उन घरों में अगले 14 दिन तक अभिभावक के रूप में काम करेंगी.प्रत्येक तीन आँगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं पर एक एएनएम को सुपरवाइजर बनाया गया है.तीन सुपरवाईजरों पर एक डॉक्टर तैनात है. ये दल संक्रमित इलाकों में घर-घर जाकर सभी लोगों से जीवंत संपर्क करेंगे. अगले 14 दिन तक नियमित संपर्क और संवाद रहेगा.

ऐसे काम करेगी चेन

दल के सदस्य घर-घर जाकर कोरोना वायरस के प्रति जागरुकता लाने और बीमार व्यक्तियों की जानकारी लेंगे. अगर किसी व्यक्ति को कोरोना या अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई दिए तो वो इसकी जानकारी सुपरवाइजर को देंगे. सुपरवाइजर अपने डॉक्टर तक खबर पहुंचाएंगे. डॉक्टर उस घर में जाकर मरीज़ का इलाज करेंगे. ज़रूरत पड़ने पर उनके सेम्पल घर पर ही लेने की व्यवस्था करेंगे.

प्राथमिक उपचार के लिये दवाई

सभी दलों के पास प्राथमिक उपचार के लिये दवाई भी रहेंगी. यह दल कोरोना वायरस संक्रमित क्षेत्रों में जाकर लोगों को दवाई बांटेगा. आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के ये दल टाटपट्टी बाखल, चन्दननगर,तंजीम नगर,आजाद नगर,खजराना जैसे संक्रमित क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं. दल के सभी सदस्यों को पीपीई किट, सैनेटाइजर, हैंड ग्लब के साथ सुरक्षा संबधी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं. इनमें बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा.