अहमदाबाद | निसर्ग चक्रवात को लेकर गुजरात में हालात नियंत्रण में हैं और राज्य के तटीय इलाकों में प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है| चक्रवात के खिलाफ जीरो केज्युलिटी के दृढ़ संकल्प के सात राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सभी गतिविधियों का लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं| राज्य के राहत आयुक्त हर्षद पटेल ने बताया कि निसर्ग चक्रवात महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग में लैंडफाल हो गया है| अब तक दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के 8 जिलों में 63798 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है| जिसमें सूरत में 8727, नवसारी में 14040, भरुच में 1202, भावनगर में 3066, आणंद में 769, अमरेली में 2068, गिर सोमनाथ में 228 और वलसाड में सबसे ज्यादा 33680 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है| स्थानांतरित किए गए लोगों में 252 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं| राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए 332 आश्रयस्थानों पर कोविड 19 की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजिंग इत्यादि की व्यवस्था की गई है| उन्होंने बताया कि बुधवार की दोपहर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग में टकराया है| उस दौरान हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के थी| चक्रवात को देखते हुए गुजरात में एनडीआरएफ की 18 और एसडीआरएफ की 6 टीमों को तैनात किया गया है| चक्रवात का असर गुजरात में कम होने से पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में सामान्य बारिश हुई है| राज्य के तटीय क्षेत्रों में प्रभारी सचिव पैनी नजर बनाए हुए हैं| स्टेट इमर्जंसी ऑपरेशन सेंटर में हालात पर निगरानी की तीन शिफ्ट में तीन अतिरिक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है| तटीय क्षेत्र के संभावित प्रभावित जिलों में रहनेवाले नमक क्षेत्र के श्रमिक, मछुआरे और झिंगा फार्म में काम करने वाले 17 लाख जितने नागरिकों को एसएमएस के जरिए सतर्क किया गया| इसके अलावा हाईमास्टर टावर और हॉर्डिंग्स इत्यादि को भी उतार लिया गया है| दूसरी ओर अस्पताल, पीएचसी और सीएचसी सेंटरों में ऑक्सिजन और बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है|