कोटा. कोचिंग सिटी के नाम से देशभर में मशहूर कोटा  (Kota) ने शैक्षणिक गतिविधियों से इतर जागरुकता के मामले में भी एक अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड (International record) कायम किया है. कोटा ने यह रिकॉर्ड कोरोना महामारी के दौरान कोरोना संकट (COVID-19) से निपटने के लिए एवं पर्यावरण को स्वच्छ व स्वस्थ्य बनाने के उद्देश्य से आयोजित दीपमाला कार्यक्रम में बनाया है. दीपमाला के इस कार्यक्रम में 1500 दीयों की दीपमाला बनाई गई थी. इसे क्रेडेंस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Credence book of world record) ने कोरोना जागरुकता संदेश देने के लिए स्पेशल श्रेणी में वर्ल्ड रिकॉर्ड करार दिया है.

कोटा में गत वर्ष नवंबर के महीने में 13 तारीख को दीवाली की पूर्व संध्या के शुभ अवसर पर कोटा की जनता को कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए एवं पर्यावरण को स्वच्छ व स्वस्थ्य बनाने के उद्देश्य से इसका आयोजन किया गया था. कोटा के किशोर सागर तालाब की पाल पर सोसाइटी हैस ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के की ओर से नगर निगम कोटा उत्तर के साथ राजस्थान सरकार के 'नो मास्क-नो एंट्री' अभियान के तहत ‘नो मास्क, नो एंट्री, नो पटाखे’ का संदेश देने वाली 1500 दीयों की दीपमाला बनाई गई थी. इसे क्रेडेंस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने कोरोना जागरुकता संदेश देने के लिए स्पेशल श्रेणी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बताया है. कोटा में जिला कलक्टर उज्जवल राठौर ने नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत, कार्यक्रम संयोजक डॉ. निधि प्रजापति और संस्था के अन्य पदाधिकारी कविता शर्मा, राजलक्ष्मी व विजय निगम को प्रमाण- पत्र देकर सम्मानित किया है.

कोटा के लिए बहुत ही गर्व का क्षण है

जिला कलक्टर उज्जवल राठौर ने कहा की यह कोटा के लिए बहुत ही गर्व का क्षण है की लोगों को कोरोना से जागरुक करने के हमारे प्रयास विश्व में रिकॉर्ड बना रहे हैं. कोटा के लोगों को ऐसे ही अच्छे कार्य करते हुए देश विदेश में कोटा का नाम रोशन करते रहना चाहिये. नगर निगम कोटा उत्तर की महापौर मंजू मेहरा ने भी कहा की आम जनता का सहयोग रहा तो बहुत जल्द ही हम कोटा को कोरोना से मुक्त करा लेंगे. बस जनता प्रशासन के प्रयासों में अपना सकारात्मक योगदान दे.


पिछले तीन महीने से लगातार चल रहे हैं जागरुकता के कार्यक्रम 

आयुक्त वासुदेव मालावत ने जानकारी देते हुए बताया की नगर निगम कोटा उत्तर के की ओर से सघन जागरुकता के कार्यक्रम पिछले तीन महीने से लगातार चल रहे हैं. यह सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है की हमने कोटा में कोरोना को नियंत्रित भी किया और इसका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थापित किया.