कच्छ | दीपावली से पहले कच्छ में गाय के गोबर से बने दियों की मांग बढ़ गई है| इतना ही नहीं अब तक करीब 75000 से अधिक दिये बिक चुके हैं और हर दिन 1500 से 200 दियों की मांग हो रही है| कच्छ जिले की भुज तहसील के कुकमा गांव के रामकृष्ण ट्रस्ट द्वारा गौसंवर्धन और गाय के दूध व गोबर इत्यादि से बनी वस्तुओं को प्रोत्साहन दिया जाता है| ट्रस्ट के प्रबंध निदेशक मनोज सोलंकी के मुताबिक जारी वर्ष में अब तक गाय के गोबर से बने 25000 जितने बेचे जा चुके हैं| मनोज सोलंकी के मुताबिक कामधेनु दिवाली का प्रयोग किया है, जिसे लेकर लोग भी जागृत हुए हैं| अब तक रामृष्ण ट्रस्ट गाय के गोबर से 25000 हजार दिये बनाकर बेच चुका है और अब भी हर दिन 1500 से 2000 दियों की मांग हो रही है| कच्छ के अंजार निवासी मेघजी हिराणी भी अब तक 50000 दियों का निर्माण कर बेच चुके हैं| रामकृष्ण ट्रस्ट के गोबर के दिए बनाने का उद्देश्य चाइनीज पटाखों से धुआं करने के बजाए गोबर से बने दियों में दीप प्रज्वल्लित कर वातावरण को शुद्ध बनाना है| इसके अलावा चाइनीज दिये या सिरीज से रौशनी करने के बजाए रामजन्मू में शिलान्यास के बाद पहली दीपावली सार्थक रूप से गोबर के दिये से मनाई जाएगी| जो हमारी संस्कृति रही है और कोरोना संकट के बीच स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा| गौरतलब है कि कोरोना के चलते देशभर में चाइनीज वस्तुओं का लोग बहिष्कार कर रहे हैं| ऐसे में लोगों में चाइनीज लाइटों के बजाए दीपों से घर को सजाने का विचार बुलंद हो रहा है|