मोहाली | जिले में डेंगू से हालात बेकाबू हो रहे हैं। पूरे जिले में डेंगू मरीजों की संख्या अब 1300 के करीब पहुंच गई है। सेहत विभाग के अधिकारियों की मानें तो स्थिति गंभीर है। जिला प्रशासन की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। अब जिले के लोगों को भी अहम भूमिका निभानी होगी। तभी इसे मात दी जा सकती है। डेंगू से पहले तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है।

ध्यान रहे कि डेंगू ने सितंबर में ही कहर मचाना शुरू कर दिया था। पिछले महीने तक 344 केस सामने चुके थे, लेकिन अक्टूबर में डेंगू ने एक दम रफ्तार पकड़ ली। इस दौरान ग्रामीण एरिया से शहरी एरिया तक मरीज सामने आने लगे हैं। पूर्व सेहतमंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के फेज-7 में सबसे ज्यादा मरीज आए हैं। इसके बाद फागिंग से लेकर स्प्रे तक की मुहिम चलाई गई। डेंगू के मामले बढ़ाना जिला प्रशासन के लिए सिरदर्दी बना हुआ है। वहीं डेंगू पर डीसी ईशा कालिया खुद नजर रख रही हैं।

डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि दस दिनों में डेंगू में गिरवाट के लिए लगातार काम किया जाए। अब तक इन निर्देशों को चार दिन बीत चुके है। लेकिन डेंगू के केसों में कमी नहीं रही है। सुबह के समय हेल्थ वर्कर लोगों के घरों में जाकर सर्वे करें। साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए शाम के समय फॉगिंग और स्प्रे की प्रक्रिया जारी है। ध्यान रहे कि निगम की ओर से फागिंग करने के लिए शहर को चार जोन में बांटा गया है।

बता दें कि जीरकपुर, डेराबस्सी में डेंगू के मामले सामने रहे हैं। जिले की सिविल सर्जन डा आदर्श पाल कौर का कहना है कि डेंगू से जिन संदिगध मरीजों की मौत का शक है उनका टेस्ट फिर से करवाया जा रहा है। लोगों को कोविड और डेंगू के लक्षणों में फर्क समझना होगा। अगर लोगों बुखार, सिर दर्द या बदन टूट रहा हो तो फौरन डाक्टर से संपर्क करे। सेल्फ मेडिकेशन करे।