बड़ी उम्र में जोड़ों का दर्द गठिया होना आम बिमारी है पर आजकल कम उम में ही यह बिमारी दिखने लगी है इसका कारण रहन-सहन ठीक न होना , मोटापा और खानपान है। 
घुटने की बिमारी शारीरिक विकलांगता के प्रमुख कारण के रूप में उभर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार हमारे देश में हर छह में से एक व्यक्ति घुटने की बिमारियों से पीड़ित है। 
विशेषज्ञों के अनुसार घुटने की बिमारी के लिए हमारी जीवन शैली भी जिम्मेदार है, जिसके तहत उठने-बैठने में घुटने की जोड़ का अधिक इस्तेमाल होता है। इस कारण शरीर के अन्य जोड़ों की तुलना में घुटने जल्दी खराब होते हैं। 
दर्द और जकड़न हैं शुरुआती लक्षण
शरीर के किसी भी जोड़ में दर्द और जकड़न और जोड़ों से आवाज आना गठिया के शुरुआती लक्षण हैं. बाद में चलने-फिरने में कठिनाई होती है और जोड़ों में सूजन और विकृतियां भी आ सकती हैं। शुरुआती चरण के इलाज के लिएए एनाल्जेसिक जैसी दवाएं, इंट्रा-आर्टिकुलर इंजेक्शन और फिजियोथेरेपी का उपयोग किया जाता है। विकसित चरणों में घुटने का प्रत्यारोपण है।
घुटने ज्यादा खराब होने पर चल नहीं पाता मरीज
बचाव
घुटने के व्यायाम, साइकल चलाना और तैराकी रोग को बढ़ने से रोकने का सबसे बेहतर तरीका है।  इसके अलावा हमें दूध एवं अन्य डेयरी उत्पादों और मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए तथा विटामिन डी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त समय तक धूप में रहना चाहिए।
महिलाओं के घुटने जल्दी होते हैं खराब
कैल्शियम की कमी 
मौजूदा समय में जंक फूड एवं फास्ट फूड के बढ़ते इस्तेमाल तथा खान-पान की गलत आदतों के कारण शरीर की हड्डियों को कैल्शियम एवं जरूरी खनिज नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे कम उम्र में ही हड्डियों का घनत्व कम होने लगा है। हड्डियां घिसने और कमजोर होने लगी हैं। गलत खान-पान एवं जीवन शैली के कारण युवाओं में भी जोड़ों के दर्द और हड्डियां के खोखले होने की समस्याएं बढ रही हैं।