आइए जानते हैं गाजर का जूस पीने के फायदे.
गाजर विटामिन्स, पोषक तत्वों और फाइबर का खजाना है. अगर आपको गाजर खाना अच्छा नहीं लगता है तो आप अपनी डाइट में गाजर का जूस शामिल कर सकते हैं. आइए जानते हैं गाजर का जूस पीने के फायदे-

मेटाबॉलिज्म सुधरता है-

गाजर के जूस में कम कैलोरी होती है. सोडा और दूसरे ड्रिंक्स के बजाए आप अगर गाजर का जूस पिएंगे तो आपका वजन कभी नहीं बढ़ेगा.

गाजर का जूस बाइल रिलीज भी बढ़ाता है जिससे मेटाबॉलिज्म में भी सुधार होता है. मेटाबॉलिज्म से मतलब है- वह दर जिससे शरीर में खाने से ऊर्जा बनती है. बाइल जूस से फैट को तोड़ने में भी मदद मिलती है. 2006 में चूहों पर की गई एक स्टडी के मुताबिक, बाइल के अधिक स्राव से मेटाबॉलिज्म सुधरता है और तेजी से वजन घटता है.

आंखों की रोशनी-

ये एक फायदा तो आपने बचपन से ही सुना होगा कि गाजर खाने से आंखों की रोशनी मजबूत होती है. गाजर आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है. गाजर में बीटा कैरोटीन पाया जाता है जो विटामिन ए का ही एक टाइप है. यह पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट में से एक है.

त्वचा के लिए भी फायदेमंद-

अगर आपको बहुत सारी स्किन से जुड़ीं समस्याएं हैं तो गाजर जूस पीना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. इससे आपकी स्किन अच्छी होती है. गाजर में विटामिन सी होता है जिससे हीलिंग करने का गुण होता है. घाव से त्वचा को उबारने में भी गाजर के जूस से मदद मिलती है.

इम्यून सिस्टम रहता है दुरुस्त-

कोल्ड या फ्लू एक या दो हफ्ते के लिए रह सकता है इसलिए इम्यून सिस्टम का मजबूत रहना आपके लिए बहुत जरूरी है. अपनी डेली डाइट में गाजर का जूस शामिल करने से तमाम तरह के इन्फेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है.
कैंसर के खिलाफ सुरक्षा-
कैंसर तब होता है जब शरीर की कोशिकाएं अनियमित तौर पर वृद्धि करने लगती हैं. चूंकि एंटीऑक्सिडेंट कोशिकाओं के डैमेज को रोक सकते हैं इसलिए गाजर का जूस कई तरह के कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है.

कम कोलेस्ट्रॉल-

अगर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल नहीं हो रहा है तो आप बिना दवाई के मदद के गाजर जूस से यह काम कर सकते हैं. गाजर का जूस पोटैशियम का अच्छा स्रोत है जिसकी वजह से कोलेस्ट्रॉल लेवल मेनेटेन रहता है. लोवर कोलेस्ट्रॉल से हार्ट बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है. हालांकि, दवा बंद करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें.

प्रेग्नेंसी में फायदेमंद

प्रेग्नेंसी में गाजर का जूस पीना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. इसमें कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होते हैं और विटामिन ए का भी अच्छा स्रोत है. कैल्शियम भ्रूण के विकास में जरूरी है जबकि फोलेट किसी तरह के बर्थ डिफेक्ट से रोकता है. अमेरिकन कॉलेज ऑफ गायकनोलॉजिस्ट के मुताबिक, प्रेग्नेंट महिलाओं और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है.

गाजर में पाया जाने वाला बीटा कैरोटीन आपकी संज्ञानात्मक क्षमता को भी सुधारता है. मेमोरी से जुड़ीं समस्याएं दूर होती हैं.