अभी तक आपने सेक्स की अलग-अलग पोजिशन्स, अलग-अलग तरह के सेक्स और इंटरकोर्स के बारे में सुना होगा। आज हम आपको यहां आउटरकोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे ड्राई हम्पिंग या फिर ड्राई सेक्स कहा जाता है।
यह यौन संबंधों की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी भी तरह का इंटरकोर्स नहीं होता यानी मेल और फीमेल प्राइवेट पार्ट एक-दूसरे के संपर्क में नहीं आते। हम यह भी कह सकते हैं कि बिना किसी इंटरकोर्स के मेल और फीमेल सेक्शुअल प्लेजर पाने की कोशिश करते हैं।
ड्राई हम्पिंग में पार्टनर एक-दूसरे के प्राइवेट पार्ट्स को छू सकते हैं, उन्हें अन्य बॉडी पार्ट्स से टच कर सकते हैं या फिर किस कर सकते हैं। इस तरह के सेक्स को पार्टनर कपड़े पहनकर भी कर सकते हैं। इसमें कई और चीजें आती हैं जैसे कि एक-दूसरे के प्राइवेट पार्ट्स का मास्टरबेशन, स्मूच और ओरल ऑर्गेजम आदि।
ड्राई सेक्स यानी ड्राई हम्पिंग को फोरप्ले मूव के तौर पर भी किया जा सकता है।
चूंकि इसे कपड़े पहनकर भी किया जा सकता है, इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आपने किस तरह के कपड़े पहने हैं। ड्राई हम्पिंग के लिए कपल्स को चेन वाले या फिर बेल्ट वाले कपड़े पहनने से बचना चाहिए, नहीं तो प्राइवेट पार्ट में चोट लग सकती है। एकदम ढीले-ढाले और थोड़े ट्रांसपैरंट कपड़े पहनें।
इस तरह के सेक्स से प्रेग्नेंसी का खतरा कम होता है क्योंकि इसमें कोई पेनिट्रेटिव सेक्स या इंटरकोर्स नहीं होता।
ड्राई हम्पिंग के लिए कुछ सेक्स पोजिशन ट्राई की जा सकती हैं, जैसे कि मिशनरी, साइड पोजिशन या फिर का काउ गर्ल पोजिशन।
हालांकि इस सेक्स स्टाइल से कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं। इसके जरिए यौन संक्रामक रोग फैलने का खतरा अधिक रहता है। लेकिन यह तभी होता है जब आपके पार्टनर का सीमन आपके प्राइवेट पार्ट के संपर्क में आए। नहीं तो यह एकदम सेफ सेक्स स्टाइल है। इसके अलावा वजाइना में खुजली और जलन हो सकती है। साथ ही ड्राई सेक्स से महिला और पुरुष दोनों को ही दर्द हो सकता है।