मुंबई। शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा है कि सूबे की महाविकास आघाड़ी सरकार को बर्खास्त करने का प्रयास सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक कोरोना का टीका और राज्य सरकार को बर्खास्त करने की दवा नहीं बन सकी है। इसलिए उद्धव ठाकरे सरकार को किसी भी तरह का खतरा नहीं है।

संजय राऊत ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि सोमवार देररात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व शरद पवार के बीच बैठक हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें कोरोना की स्थिति से निपटने पर विशेष जोर रहा। राऊत ने कहा कि विपक्ष को राज्य सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने का प्रयास करना छोड़ देना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिले थे। इसके बाद भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे भी सोमवार शाम को राज्यपाल से मिले थे। राज्यपाल से मिलने के बाद नारायण राणे ने पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार कोरोना की रोकथाम में विफल रही है। इसी वजह से उन्होंने राज्य सरकार को तत्काल बर्खास्त कर यहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की। इसके बाद देररात शरद पवार खुद मातोश्री बंगले पर जाकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिले थे। इन दोनों नेताओं की डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। बैठक में शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत के अतिरिक्त कोई भी अन्य नेता उपस्थित नहीं था।

मंगलवार सुबह संजय राऊत ने सिर्फ इतना ही कहा कि राज्य सरकार को बर्खास्त करने का प्रयास सफल नहीं होगा लेकिन कयास लगाया जा रहा है कि राज्य सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, उसे छाटने का प्रयास शरद पवार कर रहे हैं। इसका कारण कुछ दिन पहले ही भाजपा के एक केंद्रीय नेता ने महाराष्ट्र सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी। उस नेता ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस का साथ छोडऩे की भी सलाह दी थी।