लुधियाना । गेहूं के सीजन की शुरूआत को लेकर किसानों में पूरा उत्साह है इसके लिए किसानों ने अपने खेतों में से धान की फसल की कटाई जोरों से शुरू कर दी है। किसानों की धान की कटाई के साथ खेतीबाड़ी विभाग भी हरकत में गया है। खेतीबाड़ी विभाग की ओर से किसानों को गेहूं की फसल के लिए धान की पराली को आग जलाएं प्रति गांव-गांव, खेत-खेत जागरूकता प्रोग्राम चल रहे है ताकि किसानों को पराली जलाने से रोका जा सके। यह कहना है ब्लाक खेतीबाड़ी अफसर डा.गुरदीप सिंह का।

डा.गुरदीप ने बताया कि खेतीबड़ी विभाग किसान भलाई विभाग की ओर से गांवाें जाकर उन किसानों को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली पराली को जलाने की बजाए खेतों में मिलाकर जमीन की उपजाऊ शक्ति को कायम किया। इसके तहत गांव मलक, रूमी, मल्ला, कुलार गुड़े में लगे किसान जागरूकता कैंपों में खेतीबाड़ी माहिरों ने जहां किसानाें को धान की फसल की बची हुई फसल पराली को जलाने संबंधी जागरूक किया गया।

वहीं उन किसानों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले लंबे समय से पराली को जलाने की बजाए पराली को अगली फसल के लिए तैयार कर रहे खेतों में मिला रहे है। जिससे जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। इस दाैरान ब्लाक खेतीबाड़ी अफसर डा.गुरदीप सिह, डीएओ डा.रमिंदर सिंह, डा.जसवंत सिंह ने किसानों को पराली जलाकर गेहूं की बिजाई करने के साथ मिलाने के फायदे बताए।इस मौके पर डा.महिंदर सिंह, नवदीप कौर, सुखमिंदर सिंह, जगदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसवंत सिंह, हरजिंदर सिंह, बूटा सिंह नवतेज सिंह आदि मौजूद थे।