इन्दौर । इन्दौर के देवगुराडिया और आसपास के 12 गावों की किशोरी बालिकाओं लिए आज जीवन कौशल शिक्षा सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समेकित बाल विकास परियोजना, ग्रामीण-1 के द्वारा नेहरू युवा केंद्र और क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किशोरी बालिकाओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो के सहायक निदेशक मधुकर पवार ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक किशोरी बालिकाओं में एनीमिया की समस्या है जिसका निराकरण संतुलित भोजन से भी संभव है। हालाकि विद्यालय में आयरन की गोलियां दी जाती हैं लेकिन विद्यालय नहीं जाने वाली बालिकाएँ आंगनवाड़ी केन्द्र से आयरन की गोलियां प्राप्त कर सकती हैं। उन्होने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो शिक्षा सहित सभी कार्यों में सफलता सुनिश्चित है। पवार ने बालिकाओं से दिनचर्या, संतुलित भोजन, योग, ध्यान प्राणायाम, स्वच्छता और उदिता योजना की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर नेहरू युवा केंद्र की जिला युवा समन्वयक श्रीमती तारा पारगी ने उन्होने बताया कि नेहरू युवा केंद्र बालिकाओं के लिए व्यवासायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास करेंगी। महिला और बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री नितिन चौरसिया ने पढ़ाई छोड चुकी किशोरी बालिकाओं से आग्रह किया कि वे स्कूल जाएँ और अपनी पढ़ाई जारी रखें। उन्होने कहा कि शिक्षित होना बेहद जरूरी है क्योंकि जीवन कौशल के लिए शिक्षा अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए रांगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विजेता बालिकाओं को देवगुराडिया के सरपंच और अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में देवगुराडिया क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं भी मौजूद थीं।