आपके बच्चे अगर मोबाइल, टीवी या इंटरनेट पर हद से ज्यादा समय बिता रहे हैं तो सावधान हो जाएं। तमाम विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को इन डिजिटल गैजेट्स से जितना दूर रखें, बेहतर है। भारत में ऑनलाइन कारोबार चमकाने वाले टेक इंडस्ट्री के महारथी भी ऐसा ही कर रहे हैं। वे भी अपने बच्चों को इससे जितना दूर हो सके रखते हैं।
आज के मॉडर्न जमाने में टेक्नॉलिजी का अहम रोल है। जिसका असर बड़ों के साथ-साथ बच्चों पर भी पड़ता है। मोबाइल और इंटरनेट के बिना बच्चों की अधूरापन लगने लगता है। इसके पीछे का कारण है बच्चों का इंटरनेट का आदी होना। इसका सबसे ज्यादा असर किशोर उम्र के बच्चों पर अधिक पड़ता है। किशोर बच्चों  का अभिभावक होना कोई आसान काम नहीं है। छोटे बच्चों के साथ दोस्ती करना बहुत आसान है लेकिन बढ़ती उम्र यानि किशोंरों पर अपना भरोसा और उनका दोस्त बनना बहुत कठिन है। हर समय मोबाइल के साथ चिपके रहने से बच्चे आपसे बहुत दूर जा सकते हैं। ऐसे में उन्हें अभिभावकों द्वारा की गई रोक-टोक पर और भी चिढ़ आने लगती है। आप स्मार्ट तरीके से कुछ बातों का ध्यान रख कर साथ उनके साथ दोस्ती का रिश्ता कायम रख सकते हैं।
मोबाइल उनसे ले लें और अपने पास रखें
मैदान में खेलने के लिए भेजें।
पत्र, पत्रिकाएं पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने प्रौत्साहित करें