नये साल में नौकरी की तलाश कर रहे युवा परंपरागत क्षेत्रों को छोड़कर इन क्षेत्रों में नौकरी तलाश सकते हैं।
निजी क्षेत्र में आजकल सेल्स, ब्रैंड मैनेजमेंट या मार्केट रिसर्च में काफी संभावनाएं हैं हालांकि इसके लिए आपकी कम्यूनिकेशन स्किल्स (संवाद शैली) काफी बेहतर होनी चाहिए। मैनेजमेंट के क्षेत्र में ये विकल्प मौजूद हैं
इवेंट मैनेजर : इसमें किसी भी कार्यक्रम को आयोजित करने की जिम्मेदारी ली जाती है। इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां किसी भी समारोह को आयोजित करने के लिए इवेंट मैनेजर और अन्य कर्मचारी रखती है। यह लोग, जन्मदिन से लेकर शादी या किसी भी प्रकार की पार्टी का इंतजाम करते हैं इसमें थीम आधारित कार्यक्रम भी रखे जाते हैं। थीम का अर्थ है कार्यक्रम किस प्रकार का है और उसे किस भाषा या संस्कृति के आधार पर आयोजित किया जाएगा।
ऑपरेशंस मैनेजमेंट
अगर आप विपरीत परिस्थितियों को आसानी से हैंडल कर लेते हैं और तकनीक में आपकी रुचि है, तो आप यह स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। यह क्वॉलिटी कंट्रोल और प्रॉडक्टिविटी इंप्रूवमेंट में अहम भूमिका निभाता है।
फाइनैंस
ये लोग बैक एंड पर काम करते हैं और इंवेस्टमेंट बैंकिंग, मर्चेंट बैंकिंग, कॉरपोरेट फाइनेंस वगैरह की रीढ़ की हड्डी होते हैं।
सिस्टम मैनेजमेंट
यह स्पेशलाइजेशन आईटी से ताल्लुक रखता है और अच्छी टेक्निकल व बिजनेस समझ रखने वालों के लिए यह बेहतर रहता है। इसके बाद आपको सिस्टम कंसल्टेंसी, अकाउंट या प्रॉजेक्ट मैनेजमेंट वगैरह में प्लेसमेंट मिल सकता है।
ह्यूमन रिसॉर्स मैनेजमेंट
इसमें काम करने वाले लोगों पर पूरे ऑफिस के लोगों का मैनेजमेंट होता है। इसके लिए आपके पास अच्छा व्यक्तित्व, अच्छी तरह बात करने की क्षमता और रिश्ते बनाने की कला का होना बेहद जरूरी है।
स्पेशलाइज्ड एमबीए
कुछ इंस्टिट्यूस प्लेसमेंट्स को ध्यान में रखकर कोर्स ऑफर कर रहे हैं, जिनमें रूरल मैनेजमेंट, रिटेल मैनेजमेंट, टेलिकॉम मैनेजमेंट, इंश्योरेंस मैनेजमेंट, फॉरिन ट्रेड हैं। इस तरह के हैं कोर्स में एमबीए में दो साल की डिग्री के अलावा, एक साल का फुल टाइम प्रोग्राम, पार्ट टाइम एमबीए, डिस्टेंस लर्निंग एमबीए जैसे विकल्प हैं हालांकि हर विषय की अपनी-अपनी खूबी और खामियां हैं।