एक्टर गुरमीत चौधरी ने टीवी से फिल्मों में जाने को लेकर गुरमीत ने कई राज खोले हैं। उन्होंने बताया कि फिल्मों में कदम रखने से पहले कई लोगों ने उन्हें कहा था कि जिन्हें टीवी पर फ्री में देखते हैं उसे क्यों कोई क्यों बड़े स्क्रीन पर देखने के लिए टिकट खरीदेगा। इस बारे में गुरमीत ने कहा कि 'मेरा सपना 70 मीमी के स्‍क्रीन पर आने का था, लेकिन कुछ सालों तक टीवी में काम करने के बाद एक प्वाइंट ऐसा भी आया जब मुझे लगा कि फिल्मों में कोशिश करनी चाहिए क्योंकि मैं जिंदगी में नए चैलेंजेज लेना चाहता था। मैंने टीवी में बहुत कुछ पा लिया था और मैं फिल्में करना चाहता था और उस दौरान मुझे कई लोगों ने कहा कि तुम तो टीवी स्टार हो, जब तुम्हें फ्री में लोग टीवी पर देख रहे हैं तो तुम्हें बड़े स्क्रीन पर देखने के लिए क्यों कोई पैसे टिकट खरीदेगा। मैंने उस वक्त बहुत कुछ सुना और सहा।' गुरमीत ने कहा कि लोग उनसे फिल्मों के बारे में डिस्कस करने के लिए मिलते हैं लेकिन कोई भी एक टीवी एक्टर के साथ काम करने का रिस्क नहीं उठाना चाहता। लेकिन, टीवी से फिल्मों में आने वाले सुशांत सिंह राजपूत के बाद सब कुछ बदल गया। उन्होंने साबित कर दिया कि टीवी स्टार्स के पास थिएटर्स में भी ऑडियंस हैं। अगर आप हमें ब्रेक दो तो हमें भी ऑडियंस मिलेगी। उन्होंने हमारे लिए फिल्मों में दरवाजा खोला। इससे पहले मैं फिल्मों में आने के लिए काफी स्ट्रगल कर रहा था और लोग मुझे गंभीरता से नहीं ले रहे थे, लेकिन जब सुशांत ने खुद को प्रूव किया तो मुझे भी ग्रैंड लॉन्च मिला। वो पक्षपात वहीं खत्म हो गया। मुझे फिल्में मिलती गईं और लोगों ने मुझे सीरियली लेना शुरू कर दिया।'
गुरमीत ने यह भी कहा कि इस कल्चर में ऑडियंस का भी दोष है। मैं लोगों से पूछना चाहूंगा कि अगर आपको स्टार किड्स से इतनी ही परेशानी है तो फिर न्यूकमर्स की फिल्में देखने जाइए। ऑडि‍यंस को भी उनमें इंटरेस्ट दिखाने की जरुरत है लेकिन वे स्टार किड्स में ज्यादा इंटरेस्टेड है। अगर कोई नया एक्टर लॉन्च किया जाता है भले ही वो कोई छोटी फिल्म क्यों ना हो, उन्हें सपोर्ट करें, उनके पोस्ट पर अच्छे कमेंट्स करें और नेपोटिज्म का रोना बंद करें।' बता दें गुरमीत चौधरी ने खामोशियां, वजह तुम हो, लाली की शादी में लड्डू दीवाना और पल्टन फिल्म में काम किया है।