कोटा. राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) शहर के जेके लॉन अस्पताल (JK Lon Hospital) में लगातार हो रही बच्चों की मौत मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते यहां बच्चों की लगातार मौते हुईं.  रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में आधे ज्यादा वेनटिलेटर काम नहीं कर रहे थे. बता दें कि कोटा के जेके लोन अस्पताल (JK Lon Hospital) में अब तक 110 बच्चों की मौत हो चुकी है.

लापरवाही से हुई मौत


बच्चों की लगातार हो रही मौत की जांच करने के लिए शनिवार को केंद्र से उच्च स्तरीय टीम अस्पताल गई थी. सूत्रों के मुताबिक, टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ज्यादातर बच्चों की मौत हाइपोथरमिया (ठंड लगने) से हुई. रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल में 77 फीसदी वॉर्मर काम नहीं कर रहे थे, जबकि आधे से ज़्यादा वेनटिलेटर भी बेकार पाए गए. इसके अलावा हॉस्पिटल के कमरों की खिड़कियां और शीशे भी टूटे हुए थे. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यहां आईसीयू में करीब 20 फीसदी बच्चों की मौत हुई है. साल 2019 में 3087 बच्चों को आईसीयू में एडमिट कराया गया था, जिसमें से 622 लोगों बच्चों की मौत हो गई. उच्च स्तरीय टीम के मुताबिक हॉस्पिटल में स्टाफ की भी भारी कमी थी.

दो मंत्रियों ने किया था दौरा

इससे पहले शुक्रवार को राज्य सरकार के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा और प्रभारी मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने अस्पताल का दौरा किया था. दोनों मंत्रियों के दौरे के समय बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया था.