आम तौर पर माना जाता है कि एक लाइब्रेरियन का काम सिर्फ किताबों की सही तरह से व्यवस्था करना है पर यह सही नहीं है। बल्कि लाइब्रेरियन का काम लाइब्रेरी की देखभाल व उसके लिए बजट तैयार करना होता है। इसके अलावा वह किताबों से संबंधित जानकारी व सूचनाओं को भी मुहैया कराता है।
आज के समय में लोग भले ही सूचनाओं को कंप्यूटर या फोन पर हासिल करने लग गए हों, लेकिन फिर भी किताबों का महत्व उसी तरह बरकरार है। आज भी पढ़ने के शौकीन लोग कई तरह की किताबें, मैगजीन व अखबार आदि पढ़ना पसंद करते हैं और इसके लिए वह लाइब्रेरी का रूख करते हैं। वहां पर पत्र−पत्रिकाओं का एक बड़ा कलेक्शन मौजूद होता है और हर कोई अपनी पसंद की किताब वहां आसानी से पढ़ सकता है। अगर आपको हरदम किताबों से घिरे रहना पसंद है तो लाइब्रेरी साइंस का कोर्स करके बतौर लाइब्रेरियन अपना कॅरियर शुरू कर सकते हैं। 
क्या होता है काम
एक लाइब्रेरियन का काम सिर्फ किताबों की सही तरह से व्यवस्था करना ही नहीं होता, बल्कि वह पूरी लाइब्रेरी की देखभाल व उसके लिए बजट तैयार करना होता है। इसके अलावा वह किताबों से संबंधित जानकारी व सूचनाओं को भी मुहैया कराता है। आसान शब्दों में, एक लाइब्रेरी को बेहतर बनाने के लिए जिन भी प्रयासों की आवश्यकता होती है, वह सभी उसके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
स्किल्स
इस क्षेत्र में कदम रखने वाले छात्रों को सबसे पहले तो किताबों से लगाव होना बेहद जरूरी है। अगर आपका किताबों के प्रति रूझान नहीं है तो यह क्षेत्र आपके लिए नहीं है। इसके अलावा आपके भीतर मैनेजमेंट स्किल्स भी होने चाहिए। अगर आपके कम्युनिकेशन स्किल्स भी उतने ही बेहतर होने चाहिए।
योग्यता
इस क्षेत्र में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर डिप्लोमा, ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स उपलब्ध हैं। अगर आप लाइब्रेरी साइंस में एक वर्षीय बैचलर डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके पास कम से कम स्नातक स्तर की योग्यता होनी बेहद आवश्यक है। ठीक इसी तरह, मास्टर्स डिग्री करने के लिए लाइब्रेरी साइंस में बैचलर डिग्री होनी चाहिए।
संभावनाएं
अगर आप समझते हैं कि लाइब्रेरी साइंस का कोर्स करने के बाद आप सिर्फ लाइब्रेरियन ही बन सकते हैं, तो आप गलत है। इस कोर्स को करने के बाद आप इनफॉर्मेशन रिसोर्स स्पेशलिस्ट, रिसर्चर, मेटा−डेटा स्पेशलिस्ट और डॉक्यूमेंट स्पेशलिस्ट के तौर पर भी काम कर सकते हैं। लाइब्रेरी साइंस का कोर्स करने के बाद छात्रों को लाइब्रेरी के अलावा, गैलरीज, इंफार्मेशन एंड डाक्यूमेंटेशन सेंटर्स, पब्लिशंगि हाउस आदि में आसानी से काम मिल जाएगा। वैसे आप चाहें तो बतौर रिसर्च कंसल्टेंट भी काम कर सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
डीबीएस कॉलेज, गोविन्द नगर
राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर