नई दिल्ली। मानसरोवर थाना पुलिस ने एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश दिल्ली गाजियाबाद में लूट झपटमारी की कई वारदात को अंजाम दे चुका है। बदमाश की पहचान राजीव कालोनी निवासी लईक के रूप में हुई है। पुलिस ने इसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया जाने वाला एक चाकू मोटरसाइकिल बरामद की है।

जारी है साथी की तलाश

पुलिस इसके साथी अमन की तलाश कर रही है। पुलिस को जांच में पता चला गिरफ्तार आरोपित नशे का आदी है, उसके एक दिन के नशे का खर्च 1200 रुपये है। लत को पूरा करने के लिए वह वारदात को अंजाम देता है। जिला पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम ने बताया कि 30 नवंबर को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने सीमापुरी इलाके में एक युवक से मोबाइल झपटा था।

जेल से जमानत पर आया था बाहर

दो दिसंबर को एएसआइ जीतपाल को बदमाश के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, टीम ने जाल बिछाकर आरोपित को नत्थू कालोनी फ्लाईओवर के पास से पकड़ लिया। पुलिस को जांच में पता आरोपित ने अपने दोस्त अमन के साथ मिलकर सीमापुरी में मोबाइल झपटमारी की वारदात को अंजाम दिया था। अगस्त 2021 में वह हैदराबाद की जेल से जमानत पर बाहर आया था, जेल से आने के बाद वह दिल्ली में वारदात करने लगा। उसके खिलाफ पहले से झपटमारी लूट के दिल्ली, उत्तर प्रदेश हैदराबाद में 15 केस दर्ज हैं।

बहन से डाक्टर की नजदीकी से नाराज होकर चलाई थी गोली

इधर, दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी में एक डाक्टर की क्लीनिक पर फायरिंग करने वाले बाइक सवार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे उसकी बहन से डाक्टर के नजदीकी संबंध होने का पता चला था, जिससे वह नाराज था। गोविंदपुरी थाना पुलिस ने आरोपित 22 वर्षीय नवीन ठाकुर को उसके नाबालिग साथी के साथ पकड़ा है। पुलिस ने आरोपित से वारदात में इस्तेमाल बाइक, पिस्तौल बरामद की है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 27 नवंबर को दोपहर के समय कालकाजी इलाके में स्थित विशाल डेंटल क्लीनिक पर बाइक सवार दो लोगों ने फायरिंग कर दी थी। पुलिस को पीड़ित डाक्टर विवेक अग्रवाल ने बताया कि हेलमेट पहने युवक ने उनके क्लीनिक में घुसकर उन पर फायरिंग की थी। हालांकि, गोली टेबल पर रखे रजिस्ट्रर में लगी और उनकी जान बच गई।

आरोपित ने दूसरी गोली भी चलाने का प्रयास किया, लेकिन लेकिन दूसरी गोली नहीं चली। पुलिस ने केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू की। फुटेज से पुलिस को आरोपितों की बाइक का नंबर मिला, जिसके आधार पर पुलिस को एक मोबाइल नंबर भी मिला, जो नवीन के नाम पर था।