मुंबई। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह लगातार मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं. या यूँ कहें कि वो अपने बुने जाल में अब फंसते जा रहे हैं. दरअसल उनके खिलाफ एंटीलिया मामले की विभागीय जांच चल ही रही थी कि अब पुलिस निरीक्षक अनूप डांगे द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पांडेय को सरकार ने जांच की जिम्मेदारी सौंपी है. ज्ञात हो कि पुलिस निरीक्षक अनूप डांगे ने परमवीर के खिलाफ आरोप लगाया था कि उन्होंने पुलिस आयुक्त बनने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया था। पत्र के मुताबिक परमवीर सिंह के संबंध अंडरवर्ल्ड से ताल्लुक रखने वाले जीतू नवलानी के साथ है। डांगे के अनुसार २२ और २३ नवंबर २०१९ की रात वह मुंबई के ब्रीच कैंडी के अक्रूति इमारत में यह देखने के लिए निकले की सभी रेस्टोरेंट और बार तय समय में बंद हो गए या नहीं। उसी समय उन्हें एक व्यक्ति मिला, जिसने अपना नाम जीतू नवलानी बताया और कहा कि उसका ‘डर्टी बंस सोबो’ नामक पब है। उसने अनूप पर दबाव डाला कि उसके बार को बंद न कराया जाए। जीतू ने अपनी पहचान पुलिस के कई आईपीएस अधिकारियों से होने की बात कही और कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो के डीजी परमवीर सिंह से उसके अच्छे संबंध हैं। लेकिन इसके बाद भी अनूप ने जीतू से कहा कि वह बार को तुरंत बंद कर दे। दोनों में कहासुनी हुई और जीतू ने कहा कि आज रात तुम पावर दिखा लो, कल सुबह देखो तुम्हारा क्या हाल होता है। २९ फरवरी, २०२० को जब परमवीर सिंह मुंबई पुलिस के आयुक्त बने तो अनूप डांगे का ४ जुलाई, २०२० को साउथ कंट्रोल रूम में तबादला कर दिया गया। इसके बाद १८ जुलाई को अनूप को ड्यूटी से निलंबित कर दिया गया। २५ अगस्त को अनूप को एक फोन आया और सामने वाले ने परमवीर सिंह का भाई होने का दावा किया। उसने कहा कि अगर ड्यूटी पर वापस लौटना है तो २ करोड़ रुपए देने होंगे। डांगे के मुताबिक, जीतू नवलानी का वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और अंडरवर्ल्ड लिंक है। बहरहाल मुंबई पुलिस के आयुक्त हेमंत नागराले ने एंटीलिया मामले में गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कहा गया था कि सचिन वाझे सीधे परमवीर सिंह को रिपोर्ट करते थे। अब इन दोनों मामले की जांच डीजीपी संजय पांडेय कर रहे हैं.