• 20 सितंबर को ट्रैक्टर रैली लेकर चंडीगढ़ के रास्ते दिल्ली जा रहे थे पंजाब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता, पुलिस ने बॉर्डर से लौटाया
  • जाखड़ ने चिट्ठी में आशा जताई-हरियाणा सरकार दोबारा ऐसा व्यवहार नहीं करेगी, जिससे दोनों राज्यों में खटास पैदा हो

केंद्र सरकार के लाए गए कृषि विधेयकों को लेकर राजनीति और तेज हो गई है। बुधवार को एक ओर हरियाणा युवा कांग्रेस की तरफ से ट्रैक्टर रैली दिल्ली ले जाई जा रही है, वहीं बीते दिनों पंजाब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ट्रैक्टर रैली को लेकर भी माहौल तनावपूर्ण बन गया है। दिल्ली जा रहे पंजाब के कांग्रेस कार्यकर्तओं को रोके जाने पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने नाराजगी जताई है। उन्होंने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल का पत्र लिखकर कहा है कि यह गैर संवैधानिक प्रक्रिया थी। प्रदर्शन हमारा हक है।


दरअसल, 20 सितंबर को पंजाब यूथ कांग्रेस की तरफ से प्रदेश के कई इलाकों से ट्रैक्टर रैली निकालने का आह्वान किया गया था। जब चंडीगढ़ के रास्ते सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली जा रहे थे तो पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने इन्हें रोका। इस दौरान दोनों पक्षों में अच्छी-खासी झड़प हो जाने के चलते दिनभर माहौल खराब रहा था। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। एक ट्रैक्टर को आग भी लगा दी थी, वहीं पुलिस ने इन्हें वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हुए घसीट-घसीटकर बॉर्डर से खदेड़ा था।

इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मनोहर लाल को लिखे पत्र में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हरियाणा सरकार द्वारा रोके जाने को गैर संवैधानिक बताया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा हमेशा ही छोटे-बड़े भाई की तरह रहते रहे हैं। हरियाणा सरकार को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था। जाखड़ ने चिट्ठी में आशा प्रकट की कि भविष्य में दोनों राज्यों के बीच खटास पैदा नहीं की जाएगी और हरियाणा सरकार पुन: इस प्रकार का व्यवहार नहीं करेगी।