नई दिल्ली कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि अगर संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित हो जाता है तो ये पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के विचारों की जीत होगी. शशि थरूर ने कहा कि धर्म के आधार पर नागरिकता देने से भारत 'पाकिस्तान का हिंदुत्व संस्करण भर बनकर रह जाएगा'.


सिटिजनशिप बिल पास होना जिन्ना के विचारों की जीत
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार एक खास समुदाय को निशाना बना रही है और इस समुदाय के प्रताड़ित लोगों को नागरिकता नहीं देना चाहती है, जबकि दूसरे धर्म के लोगों के लिए भारतीय जनता पार्टी एक अलग रवैया अपना रही है. थरूर ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक का संसद से पारित होना महात्मा गांधी के विचारों के ऊपर जिन्ना के सोच की जीत होगी.

सुप्रीम कोर्ट इंसाफ करेगा
थरूर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अगर यह विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित भी किया भी जाता है तो भी सुप्रीम कोर्ट की कोई भी पीठ भारत के संविधान की मूल भावना का घोर उल्लंघन नहीं होने देगी.

राष्ट्रीय शरणार्थी नीति पर चर्चा भी नहीं करना चाहती सरकार
शशि थरूर ने कहा कि यह सरकार का शर्मनाक काम है जिसने पिछले साल तक राष्ट्रीय शरणार्थी नीति बनाने पर चर्चा करने से भी इनकार कर दिया, जिसे मैंने निजी सदस्य विधेयक के तौर पर प्रस्तावित किया था और तत्कालीन गृह मंत्री, गृह राज्यमंत्री और गृह सचिव के साथ निजी तौर पर साझा किया था. कांग्रेस सांसद ने कहा कि लेकिन अचानक से रिफ्यूजियों को नागरिकता देने के लिए ये सरकार एक कदम आगे बढ़कर काम कर रही है. जबकि हकीकत ये है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत शरणार्थियों की स्थिति सुधारने के लिए अथवा शरणार्थी का दर्जा देने के लिए जो मूलभूत कदम उठाया जाना चाहिए ये सरकार उतना भी नहीं कर रही है.

सरकार की एक महज कुटिल राजनीतिक चाल
बीजेपी सरकार पर बरसते हुए थरूर ने कहा, ''इससे स्पष्ट होता है कि यह सरकार की एक महज कुटिल राजनीतिक चाल है ताकि भारत में एक समुदाय को निशाना बनाया जा सके, और एक पूरी कौम को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा सके. उन्होंने कहा कि ऐसा करना हमारी सभ्यता और संस्कृति के उन सभी मूल्यों के साथ विश्वासघात होगा, जिसके लिए हम जाने जाते थे. इससे हम पाकिस्तान का हिंदुत्व संस्करण भर बनकर रह जाएंगे.