कोटा. सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद कोटा के जेके लॉन अस्पताल (JK Lawn Hospital) में बच्चों की मौतों (Deaths) का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को फिर एक और नवजात (Newborn) बच्ची की मौत के बाद वहां जोरदार हंगामा हो गया. मृतक नवजात के परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही (Negligence) का आरोप लगाया है. नवजात की मौत के बाद गत 36 दिनों में मासूमों की मौत का आंकड़ा अब 111 पर जा पहुंचा है.
चार दिन का था नवजात
जानकारी के अनुसार अस्पताल में सोमवार को सुबह चार दिन की नवजात बच्ची की मौत हो गई. इस पर परिजन बिफर गए. परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वहां हंगामा कर दिया. इसके बाद परिजनों की सुरक्षा गार्डों से कहासुनी हो गई. सूचना पर अस्पताल प्रशासन और  नयापुरा पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस परिजनों से समझाइश में जुटी है.
अस्पताल में ही ऑपरेशन से हुआ था बच्ची का जन्म
मांडलगढ़ निवासी गर्भवती रफीका बानो को प्रसव पीड़ा होने के बाद शुक्रवार को जेके लोन में भर्ती करवाया गया था. वहां ऑपरेशन से उसने बच्ची को जन्म दिया था. सोमवार को दूध पिलाने के एक घंटे बाद एनआईसीयू में बच्ची ने दम तोड़ दिया. परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक मरीज के इलाज के बारे में कुछ नहीं बताते. सुबह के वक्त परिजनों को अस्पताल से बाहर कर दिया जाता है.
अस्पताल प्रशासन की दलील है कि दूध पिलाने के बाद बच्ची को डकार नहीं दिलाने से उसकी सांस अटक गई और मौत हो गई. लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है.