कोटा. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी (Snowfall) के बाद राजस्थान (Rajasthan) में पारा एक बार फिर लुढ़क गया है. सर्द हवाओं (Cold winds) ने आमजन को झकझोर कर रख दिया है. प्रदेश में हाड़ कंपाने वाली सर्दी पड़ रही है. सर्दी से हाड़ौती अंचल में जनजीवन प्रभावित हुआ है. कोटा संभाग मुख्यालय पर शनिवार का पारा जनवरी माह में पहली बार 5 डिग्री के नीचे पहुंच गया. सर्दी का आलम यह है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. ठंड से राहत के लिए लोग आग ताप रहे हैं. कहा जा रहा है कि गलन के साथ-साथ शीतलहर का भी प्रकोप है.

मौसम विभाग के अनुसार, कोटा संभाग मुख्यालय का तापमान 4.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. जबकि दो दिन पहले यहां पर 8.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था. पिछले दो दिनों में तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट आई है. सर्दी के साथ कोहरा ने भी वाहन चालकों की मुश्किलें बढा दी है. विजिबिलिटी 800 मीटर है.  वहीं, फुटपाथ पर जिंदगी गुजर बसर करने वालों का ठंड से जनजीवन खासा प्रभावित हुआ हुआ है. मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर रहेगी. ऐसे में फिलहाल, कड़ाके की सर्दी से कोई राहत मिलने वाली नहीं है.


अचानक आए मौसम

बता दें कि जालोर जिले में बुधवार को अचानक आए मौसम में बदलाव के कारण ठंड काफी बढ़ गई थी, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था. रात के समय बादल के छाए रहने से शहर का न्यूनतम तापमान काफी घट गया है. सुबह से ही जिले में शीतलहर का जबरदस्त दौर चल रहा था. ऐसे में लोगों को ठंड से बचने के लिए दिन के समय में भी अलाव का सहारा लेना पड़ा था. ठंड के चलते जिला कलेक्टर महेंद्र सोनी ने एक आदेश जारी करते हुए सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में नौनिहालों के लिए 3 दिन का अवकाश घोषित कर दिया था.