सूरत-छपरा व सूरत भागलपुर को दो-दो रेक, यूपी-बिहार केलिए वेटिंग होगी कम

28 साल पुरानी ताप्ती गंगा एक्सप्रेस को चार आधुनिक एलएचबी रेक मिले हैं। ताप्ती गंगा वर्ष 1992 से सूरत से यूपी-बिहार के लिए चल रही है। रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन को 4 एलएचबी रेक अलॉट कर दिए हैं। इससे अब ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के हर कोच में 8-8 अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएंगी। इसके अलावा उधना-दानापुर, उधना-मंडुवाडीह एक्सप्रेस समेत पांच ट्रेनों के पुराने आईसीएफ रेक भी जल्द ही बदलकर मॉडर्न एलएचबी रेक लगाए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि इससे सभी ट्रेनों में 150-150 अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएंगी। सभी स्लीपर कोच में 72-72 सीटों की जगह 80 सीटें और एसी कोच में 64 की जगह 72 सीटें होंगी। यात्री क्षमता बढ़ने के साथ सुरक्षा भी बढ़ेगी।

इन ट्रेनों को एलएचबी कोच अलाॅट

रेलवे बोर्ड के एक पत्र के अनुसार सूरत-छपरा ताप्ती गंगा, सूरत-भागलपुर ताप्ती गंगा, उधना-दानापुर, उधना-वाराणसी, वलसाड-कानपुर, वलसाड-मुजफ्फरपुर और वलसाड-हरिद्वार एक्सप्रेस को एचएचबी कोच अलाॅट किए गए हैं। इनके लिए तीन मॉडर्न रेक बनाने का आदेश कपूरथला कोच फैक्ट्री को दे दिया गया है। जिन्हें अगले दो तीन महीने के भीतर बना कर पश्चिम रेलवे को हैंडओवर किया जाना है।

इन ट्रेनों को एलएचबी रेक अलाॅट

ट्रेन रेक

19045/46 सूरत-छपरा ताप्ती-गंगा 02

22947/48 सूरत-भागलपुर 02

19063/64 उधना-दानापुर 01

19057/58 उधना-वाराणसी 01

12943/44 वलसाड-कानपुर 01

22959/60 सूरत-जामनगर 02

सूरत से होकर जाने वाली छह ट्रेनों को भी मिले एलएचबी रेक

सूरत की पांच ट्रेनों के अलावा बोर्ड ने मुंबई से सूरत होकर जाने वाली गोल्डन टेंपल मेल, पश्चिम एक्सप्रेस, बांद्रा-भुज, मुंबई सेंट्रल-वडोदरा, भुज-दादर और बांद्रा-अहमदाबाद एक्सप्रेस को भी मॉडर्न एलएचबी में बदलने का आदेश दिया है। इन ट्रेनों की भी सूरत से काफी ज्यादा डिमांड है। सभी का सूरत से कोटा निर्धारित है, जिससे सीटें बढ़ने से यहां के यात्रियों को फायदा मिलेगा। अगले कुछ महीने में इनके रेक पश्चिम रेलवे को हैंडओवर कर दिए जाएंगे।