नई दिल्ली । टिड्डियों का खतरा अभी टला नहीं है। जल्द ही मानसून की हवाओं के साथ टिड्डियों की संख्या भी बढ़ सकती है। बीकानेर में टिड्डियों ने अंडे देना भी शुरू कर दिए हैं। ऐसे में अगर इन्हे कंट्रोल नहीं किया जाता तो टिड्डियों की संख्या काफी अधिक बढ़ सकती है। एफएओ (फूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन) की ताजा चेतावनी के अनुसार टिड्डियों के कुछ अडल्ट ग्रुप इस समय राजस्थान के पश्चिमी जयपुर में मौजूद हैं। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी यह बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी टिड्डियों के झुंड मौजूद है। चेतावनी जारी की गई है कि हार्न ऑफ अफ्रीका की तरफ से जुलाई के पहले हफ्ते में टिड्डियों के हमले दक्षिणी पश्चिमी मानसूनी हवाओं के साथ दिल्ली एनसीआर में भी पहुंच सकते हैं। एलडब्ल्यूओ के डिप्टी डायरेक्टर के एल गुर्जर के अनुसार जैसे ही बारिश शुरू होगी अनुमान है कि टिड्डियों का दल राजस्थान और मध्य प्रदेश से रेगिस्तान में वापस आने लगे।


टिड्डियों ने हरियाली को नुकसान पहुंचाया
उस समय जैसे ही इन्होंने अंडे देना शुरू किए, उनसे टिड्डियां निकलना शुरू हो जाएगी। उस समय इन्हें स्प्रे से कंट्रोल किया जा सकता है। अभी तक बीकानेर में कुछ जगहों पर टिड्डियों की ब्रीडिंग देखी गई है। एफएओ ने भी भारत समेत पाकिस्तान, साउथ सूडान, सूडान आदि देशों के लिए अगले चार हफ्ते का अल्र्ट जारी किया गया है। टिड्डी चेतावनी संगठन के अनुसार हार्न ऑफ अफ्रीका में टिड्डियों की कई ब्रीडिंग साइकल होते हैं। इनमें से कुछ टिड्डियां पश्चिमी अफ्रीका की तरफ चली जाती हैं तो कुछ सउदी अरब, ओमान, यमन की तरफ चलती है। यह जुलाई तक भारत पहुंचती हैं। हालांकि अभी तक टिड्डियों ने हरियाली को नुकसान पहुंचाया है अनाज पर इनका असर अधिक नहीं हुआ है, लेकिन अब क्योंकि बिजाई हो गई है ऐसे में फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है।