नई दिल्ली । केन्‍द्रीय खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जैविक खाद्य महोत्‍सव क्षमता निर्माण एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला उद्यमियों को व्‍यापक अवसर प्रदान करेगा। बादल ने आज नई दिल्‍ली में इस तीन दिवसीय महोत्‍सव का उद्घाटन करते हुए यह बात कही है। उन्‍होंने महिलाओं के वित्तीय समावेश और सशक्तिकरण के लिए नियमित रूप से इस तरह के प्‍लेटफॉर्म मुहैया कराने की आवश्‍यकता पर प्रकाश डाला। बादल ने कहा कि सरकार अब पहले के मुकाबले ज्‍यादा बार और देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में जैविक खाद्य महोत्‍सव का आयोजन करने पर विचार कर रही है। किसी विशेष क्षेत्र में जैविक खाद्य महोत्‍सव का आयोजन करते समय वहां के अनूठे जैविक उत्‍पादों को ध्‍यान में रखा जाएगा। हरसिमरत कौर बादल और केन्‍द्रीय महिला एवं बाल विकास तथा वस्‍त्र मंत्री श्रीमती स्‍मृति जुबिन इरानी ने संयुक्‍त रूप से जैविक खाद्य महोत्‍सव का उद्घाटन किया। 
महिला एवं बाल विकास राज्‍य मंत्री देबाश्री चौधरी और खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग राज्‍य मंत्री रामेश्‍वर तेली भी इस अवसर पर उपस्थित थे। महिला उद्यमियों के लिए जैविक खाद्य महोत्‍सव का आयोजन दरअसल खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच हस्‍ताक्षरित सहमति पत्र (एमओयू) का परिणाम है जिसका उद्देश्‍य महिला उद्यमियों का क्षमता निर्माण करना है। बादल ने कहा कि भारत में जैविक उत्‍पादों और बाजार के लिए असीम संभावनाएं हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत में ज्‍यादातर पहाड़ी क्षेत्र और जनजातीय क्षेत्र प्राकृतिक तौर पर जैविक हैं। खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्री ने कहा कि वैसे तो दुनिया के अन्‍य देश जैविक उत्‍पादन की ओर उन्‍मुख होने के लिए विशेष रूप से प्रयासरत हैं, लेकिन भारत को प्राकृतिक रूप में बढ़त हासिल है जिससे निश्चित तौर पर लाभ उठाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि इस तरह का जैविक महोत्‍सव निकट भविष्‍य में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनी पहचान बना सकता है। इरानी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय जैविक खाद्य महोत्‍सव के जरिए विभिन्‍न प्रौद्योगिकी समूह के साथ सहभागिता कर सकता है, ताकि महिला उद्यमियों को नवीनतम प्रौद्योगिकी उपलब्‍ध कराई जा सके।