महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शनिवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। कोरोना के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने पिछले 6 महीनों से यहां मंदिरों को बंद रखा है। नवरात्र के पहले दिन राज्य के दो प्रमुख मंदिरों यानी मुंबई के मुंबा देवी और कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर के बाहर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। दोनों मंदिरों के कपाट बंद होने के बावजूद भक्त मंदिर के बाहर से ही देवी को नमन करते नजर आए। दोनों मंदिरों में भक्तों के लिए ऑनलाइन दर्शन सेवा शुरू हुई है।

नवरात्र के पहले दिन मुंबादेवी में अभिषेक- पूजन के बाद मंगला आरती हुई। मंगला आरती के दौरान भक्त मंदिर के बाहर से देवी के दर्शन करते नजर आए। इसके बाद सुबह की महाआरती हुई। मंदिर के पुजारी मंगला आरती, महाआरती, भोग आरती, धूप आरती, सांयकालीन महा आरती और शयन आरती निर्धारित समय पर कर रहे हैं।मंदिर के पुजारी पंडित संदीप भट्ट ने बताया कि आम दिनों में मुंबा देवी के दर्शन के लिए देश-विदेश से भी श्रद्धालु आते थे। मंदिर परिसर में खड़े रहने की भी जगह नहीं रहती है, लेकिन कोरोना के कारण लॉकडाउन में सरकारी निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा है।

कोरोना काल में भक्तों को माता के दर्शन कराने के लिए मुंबादेवी ट्रस्ट ने अपनी वेबसाइट शुरू की है। मंदिर के प्रबंधक हेमंत जाधव के अनुसार राज्य सरकार ने कोरोना की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अभी मंदिरों को खोलने का आदेश नहीं जारी किया है। इसलिए भक्तों की सुविधा के लिए यह प्रयास किया गया है।

माता के 51 शक्तिपीठ माने जाते हैं, जिनमें 9 शक्तिपीठ प्रमुख हैं। इन 9 शक्तिपीठ में से कोल्हापुर का महालक्ष्मी मन्दिर भी एक है। नवरात्र की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर को रंगीन लाइट्स से सजाया गया था। मंदिर के द्वार आम श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं लेकिन देवी महालक्ष्मी का पूजन लगातार जारी है। पुरानी परंपरा के अनुसार यहां तोप की सलामी से नवरात्र उत्सव की शुरुआत हुई। यहां भी भक्त मंदिर के मुख्य द्वारा के बाहर खड़े दिखे।

कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों के लिए इस बार live दर्शन शुरू किए हैं। वर्चुअल माध्यम से भक्त लगातार देवी महालक्ष्मी के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज और वेबसाइट पर इसे देखा जा सकता है।