अहमदाबाद | गुजरात में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने राज्य के और 9 शहरों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है| भारत सरकार के गृह मंत्रालय की 26 अप्रैल की मार्गदर्शिका को लेकर आज मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गृह विभाग से साथ आपात बैठक की| जिसमें राज्य के अन्य 9 शहरों में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है| मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृह राज्यमंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा, मुख्य सचिव अनिल मुकिम, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया, स्वास्थ्य विभाग की अग्र सचिव डॉ. जयंति रवि समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे| अब तक अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, सूरत, राजकोट, जामनगर, जूनागढ और भावनगर महानगर समेत राज्य के 20 शहरों में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू था| राज्य सरकार ने 28 मई से हिम्मतनगर, पालनपुर, नवसारी, वलसाड, पोरबंदर, बोटाद, विरमगाम, छोटाउदेपुर और वेरावल-सोमनाथ समेत 9 शहरों में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है| सरकार के इस फैसले के बाद अब राज्य के कुल 29 शहरों में रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा| रात्रिकालीन कर्फ्यू के साथ ही राज्य सरकार ने अन्य कई नियंत्रणों का ऐलान किया है, जो 28 अप्रैल 2021 से 5 मई 2021 तक अमल में रहेंगे| हांलाकि इन नियंत्रणों के दौरान 29 शहरों में आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी| जिसमें किराना, सब्जी, फल, मेडिकल, मिल्क पार्लर, बेकरी और खाद्य पदार्थों की दुकानें खुली रहेंगी| इसके अलावा सभी उद्योग, उत्पादन इकाइयां, कारखाने और निर्माण क्षेत्र में गतिविधियां चालू रहेंगी| हांलाकि इन इकाइयों को एसओपी का कडाई से पालन करना होगा| 29 शहरों में सभी रेस्टोरंट बंद रहेंगे, लेकिन टेक-अवे सेवाएं जारी रहेंगी| इन शहरों में मोल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, साप्ताहिक बाजार, सिनेमा होल, ऑडिटोरियम, जिम, स्वीमिंग पुल, वाटर पार्क, सार्वजनिक गार्डन, सलून, स्पा, ब्यूटी पार्लर और अन्य एम्युजमेंट गतिविधियां सपूर्ण रूप से बंद रहेंगी| राज्यभर में सभी एपीएमसी बंद रहेंगी| केवल सब्जी और फल इत्यादि की बिक्री से संबद्ध एपीएमसी कार्यरत रहेंगी| राज्यभर में धार्मिक स्थलों पर आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा| केवल संचालक और पुजारी पूजा-अर्चना कर सकेंगे| राज्यभर में सार्वजनिक परिवहन 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चालू रहेंगी| नियमों के मुताबिक विवाह कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा 50 प्रतिशत लोग और अंतिम संस्कार में 20 प्रतिशत लोग शामिल हो सकेंगे|