पहल: अब विद्यार्थी जांचेंगे पानी की गुणवत्ता

वैश्विक महामारी कोविड के कारण छात्रों के लिए बंद किए गए जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में करीब साढ़े 10 महीने बाद एक फरवरी से फिर से छात्रों की कक्षाएं लगेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर मंथन में जुटा है कि सभी छात्रों को बुलाया जाए या फिर कुछ प्रयोगिक कक्षाएं लगाई जाए! लेकिन एक फरवरी से विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय में अभी तक सभी गतिविधियां ऑनलाइन की जा रही थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन मानता है कि इंजीनियरिंग की प्रयोगिक कक्षाओं को ऑनलाइन करना मुश्किल होता है और छात्रों को समझ में नहीं आता है। ऐसे में कोविड नियमों का पालन करते हुए कुछ कक्षाएं शुरू की जा सकती है। विश्वविद्यालय में प्रोफेसर वर्ग ने मल्टीमीडिया, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की प्रयोगिक कक्षाओं की शुरुआत की जानी चाहिए।

इंजीनियरिंग में प्रयोगिक कक्षाएं बेहद जरुरी
विश्वविद्यालय प्रवक्ता के मुताबिक विश्वविद्यालय में छात्रों को स्नातक स्तर पर बेहतर कोर्स देने में बेहतर शिक्षा का प्रयास किया जाता है। इसके लिए विश्वविद्यालय में बड़ी-बड़ी कार्यशालाएं हैं, जहां विभिन्न प्रयोगिक अनुभव के लिए छात्रों की कक्षाएं चलती है। छात्रों को प्रयोगिक शिक्षा के तौर पढ़ाई पर अधिक जोर दिया जाता है। इसके अलावा एनिमेशन व मल्टीमीडिया जैसे कोर्स में भी छात्रों को प्रयोगिक माध्यम से पढ़ाया जाता है। इन बड़ी कार्यशालाओं में औद्योगिक मांग के मद्देनजर कोर्सो में बदलाव किए जाते हैं।जिससे बीटेक और एमटेक के छात्रों को अधिक सुविधा होती है। प्रवक्ता जे. यादव ने कहा कि एक फरवरी से विश्वविद्यालय में छात्रों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।