अहमदाबाद | पद्म श्री से सम्मानित कवि दाद बापु का निधन हो गया है| वह 82 वर्ष के थे| जूनागढ़ के निवासी कवि दाद का नाम दादुदान प्रतापदान गढ़वी था| उनके निधन से साहित्य जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है| बता दें कि साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने जनवरी महीने में कवि दाद बापु को पद्म श्री से सम्मान किया था| दादुदान प्रतापदान गढ़वी मूल ईश्वरिया गिर के निवासी थे और वर्षों से जूनागढ़ में रहते थे| 82 वर्षीय दादुदान गढवी कवि दाद बापु के नाम से विख्यात थे| केवल चार कक्षा उत्तीर्ण कवि दाद का गुजराती साहित्य क्षेत्र में  बड़ा योगदान है| कवि दाद कवि के साथ ही उमदा लेखक, गायक और एक बेहतर वक्ता भी थे| सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में गुजरात साहित्य में उन पर पीएचडी भी हो चुकी है| गुजराती साहित्य में 60 वर्ष के कैरियर के साथ ही 15 जितनी विख्यात गुजराती फिल्मों के कवि दाद ने गीत भी लिखे थे| इससे पहले कवि दाद को गुजरात गौरव और झवेरचंद मेघाणी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है|