धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले में पालमपुर को भाजपा (BJP) का दिया नगर निगम का तोहफा जनता को शायद रास नहीं आया. नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा को पूरी तरह से चित्त कर दिया. हिमाचल के पूर्व सीएम रहे और दिग्गज नेता शांता कुमार (Shanta Kumar) के घर में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है. पालमपुर (Palampur) के कुल 15 वार्डों में से कांग्रेस 11 पर विजयी हुई है, जबकि भाजपा (BJP) को सिर्फ दो वार्डों से संतोष करना पड़ा है, जबकि कांग्रेस और भाजपा के एक-एक बागी उम्मीदवार भी जीत दर्ज करने में कामयाब हुए हैं.

भाजपा के तिकड़म नहीं आए काम
हालात यह है कि चुनावों पर नजरें गड़ाए भाजपा की कांग्रेस के उम्मीदवारों के नामांकन रद करवाने की कसरत भी काम नहीं आई. इतना ही नहीं, कांग्रेस टिकट न मिलने पर आजाद उम्मीदवार के तौर पर उतरे वार्ड तीन से दिलबाग सिंह भी चुनाव जीत गए. वहीं, भाजपा के बागी वार्ड सात से संजय राठौर ने भी चुनाव जीत कर टिकट आबंटन को लेकर अपनी नाराजगी को सही साबित कर दिया है. चुनावों में टिकट आबंटन के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों में विरोध की ज्वाला उठी थी, जिसके चलते भाजपा के चार और कांग्रेस के दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर गए थे.

बागियों पर गिरी थी गाज
भाजपा ने अपने चार बागियों को निलंबित किया था, तो कांग्रेस ने दो उम्मीदवारों को निष्कासित कर दिया था. अवैध कब्जे के नियमों के तहत पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राधा सूद और आईमा पंचायत के पूर्व प्रधान ओंकार चंद का नामांकन रद करने पर वहां से कवरिंग कैंडीडेट मैदान में थे. वार्ड-दो पालमपुर अप्पर से सोना सूद और वार्ड चार से पूर्व उपप्रधान अनीश नाग चुनाव मैदान में थे. कांग्रेस के यह दोनों कवरिंग कैंडीडेट जीत दर्ज करने में सफल रहे. कांग्रेस के बागी उम्मीदवार दिलबाग सिंह ने वार्ड तीन से कांग्रेस व भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों को परास्त कर दिया, तो वार्ड सात से भाजपा के बागी उम्मीदवार संजय राठौर ने जीत दर्ज की.

पालमपुर में एकतरफा जंग
पालमपुर नगर निगम का चुनाव एकतरफा साबित हुआ है. पालमपुर के कुल 15 वार्डों में से कांग्रेस 11 पर विजयी हुई है, जबकि भाजपा को सिर्फ दो वार्डों से संतोष करना पड़ा है, जबकि कांग्रेस और भाजपा के एक-एक बागी उम्मीदवार भी जीत दर्ज करने में कामयाब हुए हैं. वहीं, पालमपुर के नजदीकी धर्मशाला में भाजपा बहुमत से कुछ दूरी पर है. हालांकि, यहां आजाद विजेता उम्मीदवार मेयर के चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे.