सोहना । गुरुग्राम जिले के सोहना में पुलिस ने राजमिस्त्री के अंधे कत्ल की गुत्थी को तीन महीने बाद सुलझा लिया है। बता दें कि इस वारदात को गांव के ही एक युवक ने अंजाम दिया था। दरअसल, मेवात पुलिस ने हत्या के तीन दिन बाद नहर से डेड बॉडी बरामद की थी। सोहना सदर थाना के अंतर्गत आने वाले गांव निमोठ में 5 नवंबर 2019 की रात को राजमिस्त्री का काम करने वाले एक युवक की गांव के ही एक अन्य युवक ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बोरी में डालकर नहर में फेंक दिया था। ‎फिलहाल परिजनों ने निमोठ पुलिस चौकी में एक शिकायत देते हुए हत्या करने का शक जाहिर किया था, लेकिन पुलिस ने उक्त मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज न करते हुए गुमशुदगी की कार्रवाई की थी। इसके बाद परिजन समय-समय पर पुलिस से कार्रवाई करने की गुहार करते रहे, लेकिन पुलिस ने उल्टा पीड़ितों को डरा धमकाकर भगा दिया। इस मामले के दौरान पुलिस की लापरवाही उस समय देखने को मिली जब तीन दिन बाद ही मेवात जिला के पुलिस थाना रोजका मेव के एरिया से गुजर रही नहर में पुलिस को एक अज्ञात डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद सोहना थाना पुलिस ने रोजका मेव पुलिस से यह पूछना जरूरी नहीं समझा कि तीन दिन पहले जिसकी गुमशुदगी की खबर आई थी। इतना ही नहीं अज्ञात शव की पहचान के लिए सोहना पुलिस ने रोजका मेव पुलिस से संपर्क कर उस अज्ञात डेड बॉडी की पहचान के लिए कार्रवाई भी नहीं की। ‎फिलहाल बाद में जैसे ही निमोठ ग्राम के लोगों को यह जानकारी मिली कि रोजकमेव थाना क्षेत्र में मिली लाश उसी राजमिस्त्री की थी, तो पुलिस ने गुमशुदगी लिखकर अपना पल्ला झाड़ लिया था। इसे लेकर अब ग्रामीणों ने कई गांवों की एक पंचायत का आयोजन किया। इसके बाद लोगों ने पुलिस के खिलाफ आग उगलते हुए पंचायत समापन पर पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिसकर्मियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। फिलहाल अब मामले की गुत्थी सुलझा ली गई है।