गाजियाबाद । गा‎जियाबाद में बिजली चोरी रोकने और बकाया बिल पर विद्युत अधिकारी और कर्मचारी मारपीट और अभद्रता के डर से कार्रवाई करने से बच रहे हैं। ‎जिसकी वजह से दिसंबर महीने की रैंकिंग में जिले का विद्युत विभाग कई पायदान नीचे आ गया है। दरअसल, यहां पिछले 3 महीने में अधिकारियों के साथ वसूली के दौरान मारपीट की कई घटनाएं हुई हैं। अधिकारियों ने बताया ‎कि ऐसी घटनाओं में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई नहीं करती। मॉर्निंग रेड और बिल वसूली अभियान के लिए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की भी मांग की है। ‎फिलहाल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने बिजली चोरी पर रोकथाम के लिए मॉर्निंग रेड अभियान चलाया है। ‎जिसके तहत निगम के अधिकारी हाई लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करते हैं। इस दौरान कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। बकायेदारों के खिलाफ डिस्कनेक्शन और वसूली अभियान भी चलाया जाता है। इस अभियान में विजयनगर के मिर्जापुर और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों से मारपीट के मामले सामने आए थे। इनमें आरोपितों की गिरफ्तारी और रासूका की मांग को लेकर अधिकारियों ने प्रदर्शन भी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक प्रभात सिंह ने बताया कि पुराने मामलों को लेकर अभी कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गई। बता दें ‎कि इस अभियान के दौरान बिल जमा करने की चेतावनी देने पर भी मारपीट हो जाती है। उन्होंने कहा कि बिना पुलिस सुरक्षा के अभियान चलाने में मारपीट का खतरा है।